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आयशा की आत्महत्या का मामला: आगरा में मुस्लिम समाज ने लिया फैसला, दहेज न लेंगे और न देंगे

Sat, 06 Mar 2021 12:05 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • मुस्लिम समाज में दहेज के लेनदेन को रोकने का फैसला किया गया
  • जुमे की नमाज के बाद मांगी गई आयशा की मगफिरत की दुआ
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आयशा (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook Screen Grab
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विस्तार
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आगरा के मंटोला स्थित कैंथ वाली मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद अहमदाबाद में दहेज उत्पीड़न से तंग आकर खुदकुशी करने वाली महिला आयशा की मगफिरत (आत्मा की शांति) के लिए दुआ मांगी गई। इसके बाद ऑल इंडिया जमीतुल कुरैश की बैठक में फैसला किया गया कि मुस्लिम समाज के लोग निकाह में किसी तरह का दहेज न लेंगे और न ही देंगे। इसकी बाबत मुस्लिम इलाकों में जागरूकता के लिए परचे बंटवाए जाएंगे।

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मस्जिद के इमाम याहिया खान ने दुआ के बाद कहा कि इस्लाम में दहेज लेने की मनाही है। इसके बाद भी गुजरात के अहमदाबाद की आयशा खान की मृत्यु से समाज के लोगों को सबक लेना चाहिए। जमीतुल कुरैश के जिलाध्यक्ष मोहम्मद शरीफ काले ने कहा कि आयशा की खुदकुशी के बाद समाज में जागरूकता लानी होगी। अब किसी भी निकाह में दहेज नहीं लें। 



हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी ने कहा कि आयशा केस से हर मुस्लिम को सबक लेना होगा। अदनान कुरैशी ने कहा कि नौजवानों को समाज में फैली इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए आगे आना होगा। भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष समी आगाई ने बताया कि मुस्लिम समाज में दहेज लेने और देने पर रोक लगाने के लिए परचे बंटवाए जा रहे हैं। 

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साबरमती नदी में कूदकर दे दी थी जान 
गुजरात के अहमदाबाद जिले में 25 फरवरी को आयशा बानू मकरानी ने साबरमती नदी में कूदकर अपनी जान दे दी थी। आयशा ने नदी में कूदने से पहले एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था। वीडियो में आयशा ने पति पर दहेज के लिए शोषण करने का आरोप लगाया। आयशा का 2018 में आरिफ खान से निकाह हुआ था। 

वीडियो में आयशा कह रही है, 'अगर वह मुझसे आजादी पाना चाहता है तो उसे आजादी मिलनी चाहिए। मेरी जिंदगी बस यहीं तक है। मैं खुश हूं कि मैं अल्लाह से मिलूंगी। मैं अल्लाह से दुआ करूंगी कि मुझे फिर कभी इंसानों की शक्ल नहीं देखनी पड़े'। आयशा की मौत के बाद देशभर में दहेज के विरोध में आवाज उठ रही हैं। 
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