आगरा में आवास विकास परिषद ने 198 करोड़ की जमीन पर कब्जा लिया। इस भूमि पर वर्षों से कोर्ट में केस चल रहा था। फैसला पक्ष में आने के बाद आवास विकास परिषद ने अतिक्रमण ढहा दिया। इस दाैरान लोगों ने हंगामा भी किया।
आगरा के सिकंदरा आवास योजना सेक्टर 7 और सेक्टर-11 में पिछले कई वर्षों से लंबित स्वामित्व विवाद खत्म हो गया। न्यायालय से आवास विकास परिषद के पक्ष में फैसला होने के बाद सोमवार को परिषद ने 62 हजार वर्गमीटर भूमि पर कब्जा प्राप्त कर लिया है। इस जमीन का बाजार मूल्य करीब 198 करोड़ रुपये है।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई करते हुए जिला न्यायालय ने वर्ष 2013 में एडीजे-7 न्यायालय द्वारा पारित आदेश को आधार मानते हुए परिषद के कब्जे को वैध ठहराया था। आदेश मिलते ही उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद हरकत में आ गया। अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार के नेतृत्व में सोमवार को परिषद की टीम ने भारी पुलिस बल और प्रवर्तन दल के साथ मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से भूमि को समतल कराया। सड़क के लिए 30 मीटर चौड़ी जगह छोड़ी गई।
भूमि पर तमाम अतिक्रमण थे, जिन्हें बुलडोजर ने ध्वस्त किया। अतिक्रमण हटाने के दौरान लोगों ने हंगामा और विरोध किया। पुलिस बल के सामने उनकी एक नहीं चल सकी। भूमि पर अवैध रूप से बिल्डिंग मैटेरियल का व्यापार हो रहा था जिसे बंद कराया।
विज्ञापन
मौके पर नगर निगम के कुछ सफाई कर्मचारियों द्वारा किए गए अतिक्रमण को भी चिह्नित किया गया है। नगर निगम प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अगले दो दिनों के भीतर इन अतिक्रमणों को हटा लिया जाएगा। अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार ने बताया कि जमीन पर समतलीकरण का कार्य शुरू कराया गया है। 30 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।