उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में ऑटो चालक की कुकर्म का विरोध करने पर हत्या कर दी गई। नाले में उसका सिर डुबो दिया गया। वो छटपटाता रहा, लेकिन आरोपियों ने तब तक उसे नहीं छोड़ा, जब तक मौत नहीं हो गई।
आगरा के थाना सैया क्षेत्र में 14 फरवरी को हुए ऑटो चालक विजयपाल हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार विष्णु और अमित शुक्ला ने विजयपाल के साथ कुकर्म का प्रयास किया था। विरोध करने पर दोनों ने उसके साथ मारपीट की और जबरन कपड़े उतार दिए।
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आरोप है कि विरोध जारी रखने पर विजयपाल को धक्का देकर नाले में गिरा दिया और पानी में दबाए रखा, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद शव नाले में फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक का बैग और दस्तावेज बरामद किए हैं। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
भाई ने दी थी तहरीर
17 फरवरी 2026 को धौलपुर (राजस्थान) निवासी हुकम सिंह ने थाना सैंया में तहरीर दी थी कि उनका भाई विजयपाल 14 फरवरी को दो अज्ञात युवकों के साथ ऑटो से गया था, जिसके बाद वह लापता हो गया। अगले दिन सैंया- इरादतनगर मार्ग पुल के पास ऑटो लावारिस खड़ा मिला। कुछ दूरी पर विजयपाल के कपड़े-चप्पल पड़े मिलेए। नाले में उसका शव बरामद हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दबोचे हत्यारोपी
पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना पर लाडूखेड़ा पेट्रोल पंप के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 14 फरवरी को उन्होंने 300 रुपये में ऑटो किराए पर लिया। रास्ते में शराब पी और चालक को भी पिलाई। रेलवे ओवरब्रिज के पास दोनों ने चालक के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। विरोध करने पर उसे सड़क से नीचे खाई की ओर ले गए। जबरन कपड़े उतारे। झगड़ा बढ़ने पर उसे नाले में धक्का दे दिया और पानी में डुबोकर मार डाला।