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Agra: शिक्षकों की हाजिरी बायोमेट्रिक... तो बाबुओं की रजिस्टर पर, एक ही विभाग के कर्मियों के लिए अलग-अलग नियम

Wed, 15 Nov 2023 03:01 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में शिक्षकों की हाजिरी बायोमेट्रिक से तो बाबुओं की रजिस्टर पर हो रही है। यहां एक ही विभाग के कर्मियों के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं। 
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बायोमेट्रिक हाजिरी - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लिए लगातार नए नियम लागू किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ विभाग के बाबुओं और कर्मचारियों की हर छूट प्रदान की जा रही है। शिक्षकों को स्कूल से सेल्फी भेजनी पड़ती है और बायोमेट्रिक पर हाजिरी लगानी होती है। बाबुओं और कर्मचारियों की हाजिरी पुराने तरीके से रजिस्टर पर लगाई जा रही है। उसी का नतीजा है कि विभाग के अधिकतर कार्यालयों में बाबुओं की कुर्सियां खाली पड़ी रहती है।

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प्रदेश सरकार प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय की तस्वीर बदलने में लगी हुई है। बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से पढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में डिजिटल क्लास रूम से इंटरनेट तक की सुविधा प्रदान की जा रही है। लेकिन बाबुओं और कर्मचारियों को लेकर लापरवाह कार्यशैली बनी हुई है। 

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विभाग के किसी भी कार्यालय में बायोमैट्रिक हाजिरी नहीं होती है। हाजिरी के लिए एक रजिस्टर रखा रहता है, जिस पर बाबू कभी भी हस्ताक्षर कर अपनी हाजिरी लगा देते है। इन पर निगरानी रखने के लिए कैमरे भी कम कार्यालयों में लगे हुए है। इस वजह से विभाग में अधिकतर कार्यों की फाइलें लंबे समय तक अटकी रहती है।
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बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय और नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय में काम कराने वालों की भीड़ लगी रहती है। एडी बेसिक महेश चंद ने बताया कि हर कार्यालय में बायोमेट्रिक और सीसीटीवी कैमरे लगाने का शासनादेश है। इस का पालन कराया जाएगा।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों नहीं आते नजर

विभाग के कई कार्यालय और स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है, लेकिन यह नजर नहीं आते है। इसकी वजह बायोमेट्रिक हाजिरी न होना है। सेटिंग से हाजिरी लगवाकर वेतन प्राप्त कर लिया जाता है। इस तरफ विभाग के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।

तबादला होने के बाद भी नहीं जाते

कई बाबू तबादला होने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों के खंड शिक्षा कार्यालय में ड्यूटी करने नहीं जाते है। वह अपना समय नगर शिक्षा या बेसिक शिक्षा कार्यालय पर बैठकर निकाल देते है। इसे लेकर भी कभी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

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