फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra: डॉक्टर के अपहरण का किया था प्रयास, दोषियों को उम्रकैद; उधार चुकाने के बहाने बुलाया था

Wed, 26 Mar 2025 09:54 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

उधार चुकाने के बहाने से डॉक्टर को बुलाकार अगवा करने का प्रयास किया गया। राहगीरों ने शोर सुनकर चिकित्सक को मुक्त करा लिया। मामले को दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 
 
विज्ञापन
court new - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में 20 साल पहले उधार के रुपये देने के बहाने आरोपियों ने शहर के प्रख्यात डॉक्टर राकेश मोहनियां का फिरौती मांगने के लिए अपहरण किया था। राहगीरों ने शोर सुनकर उन्हें मुक्त कराया था। अदालत ने थाना किरावली क्षेत्र के गांव अभुआपुरा निवासी होम्योपैथिक डॉक्टर राजेंद्र सिंह और फिरोजाबाद के नसीरपुर निवासी साधु यादव उर्फ शादी लाल उर्फ नरेंद्र को मामले में दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र दिनेश तिवारी ने आजीवन कारावास के साथ 20-20 हजार रुपये की सजा सुनाई।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  UP News: महाराष्ट्र नहीं, यूपी सरकार बनाएगी शिवाजी स्मारक; पर्यटन मंत्री ने किया ये दावा...देखें VIDEO


थाना शमसाबाद में 3 दिसंबर, 2005 को थाना सदर क्षेत्र के राजपुर चुंगी निवासी डॉक्टर राकेश मोहनियां ने तहरीर दी थी। बताया था कि उनका एक कोल्ड स्टोर भी है। घर के पास होम्योपैथिक डॉक्टर राजेंद्र सिंह क्लिनिक संचालित करते थे। आरोप है कि राजेंद्र सिंह ने अपने खेत के आलू कोल्ड स्टोर में रखने का वादा कर 2 लाख रुपये एडवांस के रूप में लिए थे। 1.50 लाख रुपये अपने परिचितों को दिला दिए थे। रुपये लेने के बाद भी आरोपियों ने आलू का भंडारण उनके कोल्ड में नहीं किया। उन्होंने रुपयों की मांग की। इस पर आरोपी बहाने बनाता रहा। 3 दिसंबर, 2005 को राजेंद्र सिंह उनके अस्पताल पर आया। रकम देने के बहाने से अपने गांव की बोलकर कार में बैठा लिया। चमरोली मोड़ पर कार में दो अज्ञात युवक और बैठा लिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  टीसीएस मैनेजर खुदकुशी केस: पत्नी निकिता शर्मा को किस बात का डर? पुलिस से क्यों बच रही...10 हजार का इनाम घोषित


तहरीर के अनुसार शमसाबाद से राजाखेड़ा रोड पर शौच करने के बहाने से गाड़ी रोक ली। पहिये में हवा कम होने का बहाना बनाकर उन्हें पीछे बैठा दिया। दोनों अज्ञात युवकों ने उनके साथ मारपीट कर मुंह में कपड़ा ठूसने की कोशिश की। खींचतान के दौरान कार का दरवाजा खुल गया। उनके दोनों पैर कार के बाहर लटक गए। यह देख मोटरसाइकिल सवार राहगीर रामदेव शर्मा और भगवान सिंह ने बाइक को कार के आगे लगाकर रोक लिया। उन्हें आरोपियों से मुक्त कराया। विवेचक ने फिरौती के लिए अपहरण के आरोप में डॉक्टर राजेंद्र सिंह और साधु यादव उर्फ शादी लाल उर्फ नरेंद्र के विरुद्ध अदालत में आरोपपत्र प्रेषित किया था। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें