पुलिस प्रशासन के सामने हमला, फिर भी छोड़ दिए उपद्रवी
उधर, रणजीत सुमन ने कहा कि परिवार ठीक है, लेकिन यही सोच रहे हैं कि राजनीति में विरोध किया जाता है, लेकिन जिस तरह से लोग हमला कर रहे हैं, यह सोचा नहीं था। घर में पत्नी और बच्चे थे, हमलावर उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना कर सकते थे। पूरे पुलिस प्रशासन के सामने झगड़ा हुआ था। इसके बावजूद पकड़े गए लोगों को किस परिस्थिति में छोड़ा गया, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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तो हौसले हो जाएंगे बुलंद
ऐसी घटनाओं के बाद भी आरोपियों को छोड़ा जाएगा तो उनके हाैसले बुलंद होंगे। दो दिन से लगातार धमकी मिल रही थी। इसके बावजूद भीड़ जुटी। बैरियर को राैंदते हुए हमलावर आए। पुलिस इनको रोक सकती थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब मांग यही है कि जिन लोगों को राजनीति में किसी तरह की बात पसंद नहीं आती है, उसका विरोध करना चाहिए। अब विरोध नहीं हो रहा है, हमले हो रहे हैं। यह ठीक नहीं है।