राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित नाजिया खान पर ताजगंज में शुक्रवार को जानलेवा हमला बोला गया। आरोप है कि वह अपने चाचा की जमीन पर दूसरे पक्ष द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य का विरोध कर रही थी।
उस पर चाकू से वार किए गए। गला दबाने का प्रयास किया। उसके भाई को भी पीटा। चेन और रुपये लूट लिए। नाजिया लहूलुहान हालत में थाना पर पहुंची। मगर, पुलिस ने सुनवाई नहीं की।
बाद में एसपी सिटी से शिकायत के बाद मेडिकल कराया गया। उधर, दूसरे पक्ष ने भी पिटाई का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों ने तहरीर दी है। घटना के पीछे दोनों पक्षों में जमीन को लेकर चला आ रहा विवाद है।
नाजिया खान के मुताबिक, उसके चाचा ढोलीखार निवासी मुन्ना सादी की ताजमहल के पूर्वी गेट के पास ताजखेमा के सामने एक जमीन है। वह नगर निगम का कर अदा करते हैं।
उस जमीन पर कृपाल सिंह वर्मा किरायेदार थे। एग्रीमेंट खत्म होने के बावजूद कृपाल सिंह ने कब्जा नहीं छोड़ा है। इसके लिए वह कोर्ट में वाद दायर कर चुके हैं। 2012 से मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
नाजिया ने पिछले दिनों एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि कृपाल सिंह जमीन पर निर्माण कार्य कर सकता है। इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे वह जमीन देखने अपने भाई राजा के साथ गई थीं। कृपाल सिंह निर्माण कार्य करा रहा था। विरोध करने पर हमला बोल दिया। उसके परिवार के लोग आ गए।
आरोप है कि नाजिया पर चाकू से वार किए। भाई बचाने आया तो उसे भी पीटा। नाजिया का गला दबाने का प्रयास किया। दोनों लहूलुहान हो गए। ईंट-पत्थर भी फेंके गए। लोगों के आने पर वह बच सकी।
की जाएगी सख्त कार्रवाई
नाजिया ने थाने पहुंचकर जानकारी दी। आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर वह एसपी सिटी आफिस में आई। एसपी सिटी को घटना की जानकारी दी।
उनके आदेश पर ताजगंज पुलिस ने नाजिया और उसके भाई का मेडिकल कराया। नाजिया ने जानलेवा हमला, मारपीट, चेन और चार हजार रुपये लूट की तहरीर दी है।
एसपी सिटी ने कहा कि जमीन पर दो लोग अपना दावा कर रहे हैं। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। निर्माण कराने को लेकर विवाद हुआ है। नाजिया को चोट लगी हैं।
मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है। संबंधित विभाग को जांच के लिए कहा गया है। नाजिया पर हमले के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेष पुलिस अधिकारी की नहीं सुरक्षा
नाजिया को 26 जनवरी को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिया गया था। इसके अलावा भारत अवार्ड और रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका।
कई और पुरस्कार मिले हैं। डीजीपी उत्तर प्रदेश ने उसे विशेष पुलिस अधिकारी का दर्जा भी दिया हुआ है। इसके बावजूद उसकी कोई सुरक्षा नहीं है। एसपी सिटी ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा दिलाई जाएगी।