मामला सामने आने के बाद पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। ऐसे में पुलिस प्रयागराज जाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन उससे पहले ही वांछित ने एक बार फिर पुलिस को चकमा दे दिया।
आगरा में चेक बाउंस के मामले में वांछित बिल्डर प्रखर गर्ग पुलिस को चकमा देकर शनिवार को दीवानी में कोर्ट में हाजिर हो गया। अदालत ने उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। पुलिस ने फरार बिल्डर प्रखर के घर पर कुर्की के नोटिस चस्पा किए थे।
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जिस वक्त पुलिस उसे आगरा में तलाश कर रही थी, वह प्रयागराज में अमृत स्नान करने पहुंचा था। उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। बाईपास रोड स्थित द्वारिकापुरम काॅलोनी निवासी प्रखर गर्ग के खिलाफ धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ कोर्ट में चेक बाउंस के भी कई मामले चल रहे हैं।
दिसंबर में प्रखर गर्ग के घर ईडी ने भी छापा मारा था। आरोप है कि उसने ईडी द्वारा जब्त संपत्ति का सौदा किया था। बृहस्पतिवार को हरीपर्वत पुलिस की टीम प्रखर गर्ग के घर गई थी। उसके घर के बाहर मुनादी कराई गई थी। बैटरी व्यापारी अरुण सौंधी ने उसके खिलाफ कोर्ट में चेक बाउंस का वाद दायर किया था। इसमें हाजिर नहीं होने पर उसके खिलाफ कोर्ट ने कुर्की का नोटिस जारी किया था।
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नोटिस पुलिस ने उसके घर चस्पा किया। सर्विलांस से बचने के लिए परिचितों को इंटरनेट के माध्यम से फोन किया करता था। बातचीत के लिए एप का इस्तेमाल करता था। प्रयागराज महाकुंभ में वायरल वीडियो के बाद पुलिस की किरकिरी हुई थी।
पुलिस ने संतों के डेरे में उसकी तलाश के लिए योजना बनाई थी। पुलिस कार्रवाई करती इससे पहले प्रखर गर्ग गुपचुप तरीके से कोर्ट में हाजिर हो गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के बाद 20-20 हजार के दो निजी मुचलकों पर आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए।