आगरा के सदर क्षेत्र की सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार चार और आरोपियों को पुलिस ने रविवार को रिमांड पर ले लिया। इनमें से तीन को पुलिस टीम दिल्ली लेकर गई। मोबाइल, लैपटॉप सहित अन्य दस्तावेज की बरामदगी के प्रयास किए। इसके साथ ही आरोपियों से आईबी और एटीएस की टीमों ने पूछताछ की।
जुलाई 2025 में गिरोह के 14 सदस्यों को पुलिस ने अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया था। बहनों को कोलकाता से पुलिस टीम बरामद कर लाई थी। गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस टीम जांच में लगी थी। कई और लोगों के नाम सामने आए थे। इसके आधार पर शुक्रवार को दिल्ली निवासी परवेज अख्तर, जाशिम उर्फ जतिन कपूर, तलमीज उर रहमान और भरतपुर, राजस्थान निवासी हसन मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया था। वह राजस्थान की एक युवती को अपने जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराना चाहते थे। गोवा की रहने वाली आरोपी एसबी कृष्णा उर्फ आयशा के संपर्क में थे। अब्दुल रहमान के लिए भी काम कर रहे थे।
पुलिस ने चारों आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर लिया है। रविवार को सुबह जेल से आरोपियों को कस्टडी में ले लिया गया। पहले दिन कई घंटे तक पूछताछ की गई। इसमें पता चला कि आरोपी तलमीज उर रहमान मुरादाबाद का रहने वाला है। वह मौलाना कलीम सिद्दीकी के साथ रह चुका है। परवेज अख्तर मूलरूप से बिजनाैर का रहने वाला है। दोनों गिरोह में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। एक टीम दिल्ली के आरोपियों को अपने साथ लेकर गई। उनसे गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई गई। मोबाइल और अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास किए गए। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।