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गजब की गड़बड़ी: मतदाता सूची में जिंदा हैं अटल बिहारी वाजपेयी की बहन-बहनोई, 2015 में हो चुकी है दोनों की मृत्यु

Fri, 05 May 2023 11:45 AM IST
धीरेन्द्र सिंह हितेश सिंह, आगरा

सार

मतदाता सूची में इस बार बड़ी गड़बड़ी नजर आई। मतदान करने के लिए उन लोगों के घर भी पर्ची पहुंच गई, जिनकी मृत्यु कई साल पहले हो चुकी है। अटल बिहारी वाजपेयी के परिवार के तीन अन्य मृत सदस्यों के नाम भी सूची में शामिल हैं।
 
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मतदाता सूची - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगर निकाय चुनाव से 15 दिन पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण हुआ। नाम घटे और बढ़े भी। यह प्रक्रिया किस कदर कागजी रही कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जिन रिश्तेदारों की आठ वर्ष पहले मृत्यु हो गई। निकाय की मतदाता सूची में वह अभी तक जिंदा हैं। इनके परिवार के तीन और मृत लोगों का नाम भी मतदाता सूची में शामिल है। मतदान करने के लिए बाकायदा पर्चियां भी घर पर उपलब्ध करा दी गईं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बहन कमला दीक्षित व बहनोई नंदगोपाल की मृत्यु वर्ष 2015 में हो चुकी है, जबकि उनके भांजे अजय दीक्षित की मृत्यु वर्ष 2005 में हुई थी, जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी शामिल भी हुए थे।
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वहीं दूसरे भांजे अनिल दीक्षित की मृत्यु जनवरी, 2021 में और उनकी पत्नी लक्ष्मी दीक्षित की मृत्यु वर्ष 2008 में हो गई थी। इन सभी के नाम नगर निकाय चुनाव की मतदाता सूची में हैं। इनके पते वार्ड-54 जयपुर हाउस के प्रताप नगर स्थित अलकापुरी (मकान नंबर-42-ए) पर मतदान पर्ची भी बीएलओ की ओर से उपलब्ध कराई गई।

बिक्री कर कार्यालय से मतदान कर निकलीं पूर्व प्रधानमंत्री की भांजा बहू (अजय दीक्षित की पत्नी) व राज्य महिला आयोग की निवर्तमान सदस्य निर्मला दीक्षित ने बताया कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव के दौरान नाम मतदाता सूची से नाम कटवा दिया गया था। इसके बाद भी नगर निकाय की सूची में नाम आ गया है। मतदान पर्ची भी घर पहुंची। ये तो लापरवाही है।
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नगर निगम मृत्यु प्रमाण पत्र कर चुका है जारी

नगर निकाय चुनाव की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में मृत व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। जिनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी नगर निगम की ओर से जारी किया जा चुका है। गोकुलपुरा वार्ड-87 निवासी उमारानी की मृत्यु वर्ष 2011 में ही चुकी थी। उनके पति श्यामलाल यादव की मृत्यु वर्ष 2018 में हुई थी। दोनों के नाम मतदाता सूची में शामिल हैं। निवास पर बीएलओ की ओर से मतदान पर्ची भी उपलब्ध कराई गई। साकेत विद्यापीठ इंटर काॅलेज, शाहगंज स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचे राजू ने बताया कि उनके परिवार के तीन मृत सदस्यों के नाम सूची में हैं, उनकी पर्चियां भी घर आई हैं, जबकि परिवार के वर्तमान मतदाता हैं उनके नाम सूची से गायब हैं।

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