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अटलजी के जमाने से हैं भाजपा की जुबान पर पकौड़े, मथुरा में इनका स्वाद जरूर लेते थे पूर्व पीएम

Thu, 08 Feb 2018 09:39 AM IST
पुनीत शर्मा, अमर उजाला मथुरा
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Atal Bihari Vajpayee
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पकौड़े आज से नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के जमाने से भाजपा की जुबान पर हैं। मथुरा से विशेष लगाव रखने वाले अटल जी पकौड़े के बड़े शौकीन थे। जब भी मथुरा आते यहां पकौड़ी का नाश्ता जरूर करते थे। 
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इतना ही नहीं मथुरा के लोग जब उनसे दिल्ली मिलने जाते तब भी इनका जिक्र हो ही जाता था। गांधीपार्क, घिया मंडी और सदर तहसील के पकौड़े दूर तक पहचाने जाते हैं।

इस समय पकौड़े पर सियासत हो रही है। पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साक्षात्कार में जिक्र किया और अब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राज्यसभा में अपने पहले भाषण में कहा कि पकौड़ा बेचना बेरोजगार रहने से बेहतर है। विपक्षी पार्टियों ने इसे मुद्दा बना लिया है। देश की सियासत गरमाने लगी है। 
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आज पकौड़ा चर्चा में हैं, लेकिन मथुरा में इनकी चर्चा आज से नहीं बल्कि अटल जी के जमाने से है। दरअसल मथुरा से अटल जी का बड़ा जुड़ाव रहा है। मथुरा से लोकसभा का चुनाव तक लड़ चुके हैं। उनके ऐसे रिश्ते मथुरा से बने कि साल में आठ से दस चक्कर लग जाया करते थे। 

अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : self
दीनदयाल धाम स्मारक समिति के अध्यक्ष भी अटल जी रहे हैं। उस समय जनसंघ का कार्यालय गांधी पार्क के पास हुआ करता था। गांधी पार्क के पास उस वक्त पकौड़े की एक दुकान थी। 

जब भी अटल जी आते थे पकौड़े का स्वाद जरूर लेते थे। पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि अटल जी मथुरा की कचौड़ी और पकौड़ी के काफी शौकीन रहे हैं।

भाजपा के मीडिया प्रभारी प्रदीप गोस्वामी ने बताया कि करीब दस साल पहले ही बात होगी जब वह अटल जी को उनके जन्मदिवस पर पकौड़े लेकर गए थे। दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी। उनके साथ मथुरा के कई लोग भी थे।
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दूर-दूर तक पहचाने जाते हैं मथुरा के पकौड़े

श्रीकृष्ण के शहर में बनने वाले पकौड़ों की पहचान बड़ी दूर-दूर तक है। मथुरा में हर रोज करीब 200 किलो पकौड़ों की बिक्री तो हो ही जाती है। मथुरा में घिया मंडी में प्रमोद खंडेलवाल की दुकान हैं। 30 साल से वह दुकान कर रहे हैं।

मूंग की दाल के मगौड़ों की पहचान बड़ी दूर दूर तक है। उनका कहना है कि हर रोज करीब 30 किलो की बिक्री तो ही हो जाती है। खारी कुंआ पर सुमित की पकौड़ों की दुकान है। सात साल से काम कर रहे हैं। भरतपुर गेट पर चौराहे पर महेश कुमार की दुकान है।

वह भी करीब 25 साल से पकौड़ी की दुकान कर रहे हैं। 10 किलो की बिक्री रोज हो रही है। कोतवाली के पीछे रमेश चंद्र की दुकान है। वह दस साल से दुकान कर रहे हैं। कोतवाली रोड पर अतुल यादव करीब पंद्रह साल से दुकान कर रहे हैं।
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