ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि आज वेलेंटाइन डे का अर्थ व्यापक हो गया है। यह प्रिय व्यक्ति के चयन या मित्रता का प्रतीक बन गया है। लग्न और पंचम के स्वामी ग्रहों अथवा भावों का संबंध चतुर्थ भाव से हो तो वैलेंटाइन उसकी माता होती है। एकादश भाव मित्रता का है। लग्न, पंचम व एकादश का संबंध हो तो वैलेंटाइन मित्र होता है। इसी प्रकार अन्य भावों से व्यक्ति के वैलेंटाइन को ज्योतिष विज्ञान के जरिए जाना जा सकता है।
उनका मानना है कि अगर सभी तथ्यों को ध्यानपूर्वक देखा जाए तो वैलेंटाइन डे का संबंध शुक्र, मंगल व चंद्र से है तीनों ही ग्रह युवा वर्ग से संबंधित है। इसलिए प्रचलन में यह युवाओं का दिन है। इसलिए वैलेंटाइन का अर्थ प्रिय व्यक्ति से होता है जो कोई भी हो सकता है। इस दिन अपने प्रिय के साथ उपहारों का आदान प्रदान होता है।