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हवालात में हत्यारोपी ने खुद पर ब्लेड से किए 3 वार, इसलिए देना चाहता था जान

Mon, 22 Jan 2018 09:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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आत्महत्या का किया प्रयास - फोटो : अमर उजाला
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आगरा की दीवानी हवालात में सोमवार शाम को एक हत्यारोपी ने आत्महत्या का प्रयास किया। उसे जिला जेल से पेशी पर लाया गया था। कोर्ट में पेश होने के बाद हवालात में लाया गया तो वह अपनी गर्दन पर एक के बाद एक तीन बार ब्लेड से करने लगा। 
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उसे देखकर बंदियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर दीवानी चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिस कर्मी आ गए। उन्होंने उसको एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

खेरागढ़ निवासी मनीष गर्ग पुत्र मुकेश गर्ग मूलरूप से धौलपुर के बसई नवाब का रहने वाला है। इंस्पेक्टर थाना न्यू आगरा ने बताया कि मनीष पर अपनी दादी की हत्या का आरोप है। 
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वह 18 दिसंबर 2015 से जिला जेल में बंद है। सोमवार सुबह उसकी दीवानी में जिला जज की कोर्ट में पेशी थी। जिला जेल से उसे दीवानी लाया गया था। 

दो बजे कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद हवालात में आ गया। शाम को बंदियों को जिला जेल ले जाने की तैयारी की जा रही थी। शाम तकरीबन 4:30 बजे मनीष हवालात के अंदर बने टायलेट की तरफ गया। 

इसके बाद ब्लेड से गर्दन पर वार करने लगा। वह लहूलुहान हो गया। अन्य बंदियों ने देख उसे पकड़ लिया। इसके बाद शोर मचाया। इस पर पुलिसकर्मी आ गए। बाद में दीवानी चौकी इंचार्ज आ गए। 

उसे एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में भर्ती कराया। पुलिस के मुताबिक, उसकी जमानत नहीं हो पा रही है। इस कारण परेशान चल रहा है। इसी के चलते उसने खुद को ब्लेड मारकर घायल कर लिया। सूचना पर उसके परिवारीजन भी पहुंच गए।
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चौकी प्रभारी की सूझबूझ से बच गई जान

दीवानी चौकी प्रभारी मनोज कुमार शर्मा की सूझबूझ से बंदी मनीष की जान बच गई। मनीष के खुद को ब्लेड मारने की जानकारी पर मनोज सबसे पहले आए। 

वह घायल मनीष को अपनी बाइक पर बैठाकर एसएन मेडिकल कालेज ले गए। वह तीन मिनट में ही पहुंच गए। डाक्टरों का कहना था कि गर्दन पर तीन जगह पर ब्लेड लगा है। दरोगा समय रहते उसे लेकर आए। 

दीवानी पेशी पर आने वाले बंदियों के पास से कई बार ब्लेड और नशे का सामान मिल चुका है। इसके बावजूद पुलिस की लापरवाही जारी है। 

कई बार बंदियों के बीच झगड़े भी हो चुके हैं। ब्लेड से भी बंदियों ने खुद को कई बार लहूलुहान किया। हत्यारोपी बंदी मनीष के पास ब्लेड कहां से आया? यह भी सवाल बना हुआ है। 
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