जल्द ही एशिया के सबसे बड़े पार्क की योजना वृंदावन में यमुना तट पर साकार होने जा रही है। 407 एकड़ में स्थापित होने वाले इस पार्क में कहीं हवन कुंड से सुगंध उठ रही होगी तो कहीं योगा स्थल पर ओम का स्वर गूंज रहा होगा।
प्लानिंग कृष्ण की बाल लीलाओं को लेजर शो के माध्यम से प्रदर्शित करने की भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एशिया के सबसे बड़े पार्क की घोषणा बांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में कर चुके हैं।
इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने का काम ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में बुधवार को स्कूल ऑफ प्लानिंग के डीन रहे एसके सुनेजा ने 407 एकड़ में सिटी फारेस्ट के तहत स्थापित होने वाले इस पार्क के डीपीआर का प्रजेंटेशन किया।
बृज संस्कृति से जुड़े 12 वन बनेंगे
इस पार्क के बीच में आ रही कोसी ड्रेन को 25 एकड़ के सरोवर में तब्दील कर दिया जाएगा। इसमें बृज संस्कृति से जुड़े 12 वन बनेंगे। इनमें कहीं तुलसी महकेगी तो कहीं कदंब की खुशबू आनंदित करेगी।
चार योगा सेंटरों पर ओम के स्वर गुंजायमान होंगे। शास्त्रों में उल्लेखित पुष्प भी यहां छोटे-छोटे अनेक सरोवरों की शोभा बनने जा रहे हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए वोटिंग का भी प्रबंध होगा।
इस दौरान ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा, सीईओ नगेंद्र प्रताप, एसडीएम सदर क्रांतिशेखर सिंह, मयंक गर्ग, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और योगा एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
नहीं होगा कंकरीट का उपयोग
ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट में कंकरीट का उपयोग नहीं किया जाएगा। यह वन क्षेत्र यमुना से थोड़ा दूरी पर होगा। पर्यटन की दृष्टि से इसमें कुछ और सुझाव शामिल किए जा रहे हैं, जिसमें लेजर शो भी शामिल है।
खास बातें
- तीन चरण में खर्च होंगे 300 करोड़।
- कृष्ण बलराम के नाम पर स्थापित होंगे 12 वन।
- 250 लोगों के लिए बनेंगे चार योगा सेंटर।
- कोसी ड्रेन पर 25 एकड़ में तैयार होगा सरोवर।
- साइकिल ट्रैक और बैट्री वाहन के लिए बनेंगे कच्चे रास्ते।