234 फुट लंबी और 187 फुट चौड़ी मस्जिद संगमरमर से बनी है, जबकि बाहरी दीवारें लाल पत्थर की हैं। मस्जिद के आंगन में बना टैंक वर्गाकार है, जिसकी प्रत्येक दिशा में लंबाई 37 फुट है। मुख्य इमारत के ऊपर तीन गुंबद बने हैं, जो ताज से नगीनों की तरह चमकते नजर आते हैं।
मडपैक ट्रीटमेंट के दौरान सफेद संगमरमर के एक पत्थर को छोड़ दिया गया, जिससे प्रदूषण के कारण काली पड़ गई मस्जिद का संगमरमर और अब की स्थिति में अंतर स्पष्ट नजर आता है। एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि मोती मस्जिद के दक्षिणी ओर पुराने पाथवे का संरक्षण अगले माह शुरू करा दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है।