भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने फतेहपुर सीकरी में यूपी टूरिज्म के लाइसेंस वाले स्टेट गाइडों का प्रवेश रोक दिया है। इससे स्टेट गाइडों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। स्टेट गाइडों ने शुक्रवार को अधीक्षण पुरातत्वविद को पत्र लिखकर प्रवेश की अनुमति देने की मांग की है।
स्टेट गाइड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक दान ने बताया कि एएसआई ने 27 अक्तूबर को फतेहपुर सीकरी में स्टेट गाइडों के प्रवेश पर रोक लगाई है। यह आदेश उनके लिए है, जिनके पास मूल अनुमोदित वैध गाइड लाइसेंस नहीं है, लेकिन जिन गाइडों के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया के बाद आ चुके हैं, उन्हें भी रोका जा रहा है। वर्ष 2009-10 बैच के यूपीटी स्टेट गाइड लाइसेंस की नवीनीकरण प्रक्रिया चार माह से चल रही है।
अध्यक्ष दीपक दान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2015 में आदेश दिया था कि वर्ष 2009-10 बैच कोई भी यूपीटी गाइड अपनी आजीविका से वंचित न रहे। उनके लिए रिफ्रेशर कोर्स भी चल रहे हैं। 8 बैच कोर्स पूरा कर चुके हैं, जबकि 2 बैच जल्द शुरू होने वाले हैं। स्टेट गाइडों ने अपने लाइसेंस और पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश पर्यटन के आगरा कार्यालय जमा करा दिए थे। उन्हें बताया गया है कि नवीनीकरण की कार्यवाही चल रही है।
यूपी टूरिज्म भेज चुका पत्र
उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने एएसआई के आदेश के एक दिन बाद 28 अक्तूबर को ही अधीक्षण पुरातत्वविद को पत्र भेज दिया था, लेकिन एएसआई की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। स्टेट गाइड एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल अधीक्षण पुरातत्वविद स्मिथा कुमार से मिलने के लिए शुक्रवार को पहुंचा, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। एसोसिएशन ने उन्हें पत्र सौंपा है, जिसमें सीकरी में गाइडों को प्रवेश देने की मांग की गई है।