ज्योतिषाचार्य पंडित वेदप्रकाश प्रचेता बताते हैं कि आषाढ़ मास में 15 जुलाई से गुप्त नवरात्र प्रारंभ होंगे। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के गुप्त स्वरूपों की साधना का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ भगवान श्रीहरि विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाएंगे और चातुर्मास का शुभारंभ होगा। चातुर्मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, जबकि पूजा-पाठ, व्रत, दान और सत्संग का विशेष महत्व रहता है।
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इसी माह भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, आषाढ़ अमावस्या और गुरु पूर्णिमा जैसे प्रमुख धार्मिक पर्व भी मनाए जाएंगे। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु अपने गुरु का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ मास में पूजा-पाठ, मंत्र जाप और भगवान विष्णु तथा शिव की आराधना करने से कई गुना अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है।
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