उन्होंने कहा कि अप्रैल माह से पिछले छह माह का मानदेय और प्रोत्साहन राशि का विभाग ने भुगतान नहीं किया। स्वास्थ्य विभाग हमें रीढ़ की हड्डी कहता है लेकिन आशा बहुओं का विभाग में सबसे ज्यादा शोषण हो रहा है। भुगतान के नाम पर एमओआईसी और नोडल अधिकारी भ्रष्टाचार करते हैं। बिना लेनदेन कोई काम नहीं होता।
दोपहर एक बजे तक आंदोलित आशाओं का कोई ज्ञापन लेने नहीं आने पर वे उग्र हो गईं। कार्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर सीएमओ चेंबर के बाहर धरना सभा की। कई आशाएं भूख प्यास के कारण बेहोश होकर गिर पड़ी।
दोपहर ढाई बजे बजे नौ सूत्रीय ज्ञापन एसीएमओ को सौंपा गया। आशाओं ने 15 दिन में लंबित भुगतान नहीं होने पर जिले में सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार और आंदोलन की चेतावनी दी है। विरोध प्रदर्शन में जिला मंत्री राखी, यशोदा, राधा, रिंकी, रजनी सिंह, लज्जावती, बिरमा देवी, समेत कई महिलाएं मौजद रहीं।
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