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Agra News: आशाओं की कारस्तानी...निजी अस्पताल में प्रसव करा घर में दिखाया रिकाॅर्ड

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जैतपुर के पई गांव में लाभार्थी का बयान दर्ज कराते सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव - फोटो : संस्थान
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बाह। कमीशन के लिए झोलाछाप के न्यू लाइट हॉस्पिटल में प्रसव कराने वाली 60 आशाओं की जांच शुरू हो गई है। सीएमओ ने अभी एक आशा के निजी अस्पताल में 12 प्रसव पकड़े हैं। इनकी चार प्रसूताओं के बयान दर्ज करने पर आशाओं की एक और कारस्तानी पकड़ में आई है। ये झोलाछाप के यहां प्रसव कराने के बाद जन्म घर में दर्शाकर प्रमाणपत्र भी बनवा लेती थीं। इसमें ग्राम पंचायत की भी मिलीभगत सामने आई है।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जैतपुर के पई गांव में प्रसूता दिव्या और उनके भाई बीनू भदौरिया ने बताया कि न्यू लाइट हॉस्पिटल में आशा ने बड़ा डॉक्टर बताते हुए प्रसव कराया था। अस्पताल में 18 हजार रुपये लिए थे। जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आशा ने 1500 रुपये अतिरिक्त लिए। सुधा और उसके ससुर शिवकुमार ने भी निजी अस्पताल में प्रसव कराने के बाद दो बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र के एवज में तीन हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। बाह के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा, जैतपुर के अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि आशा ने न्यू लाइट हॉस्पिटल में गांव के 12 प्रसव कराने की जानकारी सामने आई है। 4 लाभार्थियों के घर पर टीम पहुंचकर दो के बयान दर्ज कराए हैं। दो ने आरोपों की पुष्टि की, लेकिन बयान दर्ज कराने से मना कर दिया। आठ के और बयान दर्ज होंगे।


- न्यू लाइट हॉस्पिटल बाह में 10 दिसंबर को जैतपुर के क्यारी गांव की प्रसूता सुमन की मौत के बाद यहां रजिस्टर मिला था। ये बिना लाइसेंस के चल रहा है। प्रसूता की मौत के बाद झोलाछाप और स्टाफ शव छोड़कर भाग गया था। झोलाछाप अभी फरार है और पुलिस भी पकड़ नहीं सकी है। अस्पताल के केबिन में टीम को रजिस्टर मिला था, जिसमें 60 आशाओं के नाम और फोन नंबर दर्ज हैं। इसकी जांच सीएमओ खुद कर रहे हैं।
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