स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ बिगुल फूंकते हुए सोमवार को कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया। मानदेय, सुरक्षा, नियमितीकरण, आश्रित को नौकरी सहित पांच सूत्री ज्ञापन डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भेजा।
आशा संगिनी स्वास्थ्य संघ के बैनर तले कलेक्ट्रेट में डीएम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन के दौरान हंगामा और नारेबाजी की गई। जिलाध्यक्ष अनीता देवी के नेतृत्व में संगिनियों ने कहा कि वे आयुष्मान भारत और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों को पूरी निष्ठा से धरातल पर उतार रही हैं, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों को लंबे समय से अनसुना कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को तेज करने के लिए बाध्य होंगी। प्रदर्शन में इंद्रा देवी, ममता शर्मा, मुनेश चाहर, राजकुमारी, रूपेश, लक्ष्मी शर्मा, उर्मिला, भूरी, रजनी शर्मा, साधना देवी, बरकत, राधा पचौरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
संगिनियों की प्रमुख मांगें
नियमितीकरण और मानदेय : वर्तमान में मिल रहे 24 दिन के बजाय अन्य कर्मियों की भांति 30 दिन का मानदेय दिया जाए और सेवा को नियमित किया जाए।
परिवहन भत्ता : महंगाई और बड़े कार्यक्षेत्र को देखते हुए न्यूनतम प्रति विजिट 500 रुपये का वाहन भत्ता सुनिश्चित हो।
डिजिटल संसाधन : ऑनलाइन कार्य, डेटा फीडिंग के लिए स्मार्ट मोबाइल या टैबलेट की तत्काल व्यवस्था की जाए।
स्वास्थ्य सुरक्षा : संगिनियों और उनके परिवारों को आयुष्मान कार्ड या कैशलेस चिकित्सा की सुविधा मिले।
आश्रित को सुरक्षा : ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।