आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सिविल लाइंस परिसर में बने चार मंजिला संस्कृति भवन का बृहस्पतिवार को प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने उद्घाटन किया। भवन में ललित कला संस्थान स्थानांतरित हो गया है। प्रभारी कुलपति ने आर्ट गैलरी का भ्रमण किया। इसमें पेंटिंग देखकर उन्होंने सुझाव दिया कि छात्र-छात्राओं से पेंटिंग बनवाकर उनको आर्ट गैलरी में नियमित रूप प्रदर्शित किया जाए। पेंटिंग बेेचकर आय भी अर्जित की जाए। रविवार के दिन भी संस्थान को खोलने के निर्देश दिए। उसकी जगह किसी और दिन अवकाश रखने के लिए कहा।
संस्कृति भवन करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसके प्रांगण में तरणताल और व्यायामशाला भी है। गेस्ट हाउस की भी सुविधा है। ललित कला संस्थान के बाद इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट को स्थानांतरित किया जाना है। उसके लिए भी तैयारियां करने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालय के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता अरुण दीक्षित से संस्कृति भवन को हैंडओवर लेने से पहले कानूनी औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए कहा। प्रभारी कुलपति ने पूरे भवन का निरीक्षण किया। इतिहास एवं संस्कृति विभाग भी संस्कृति भवन में स्थानांतरित होना है। प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
भवन को अच्छे इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया
भवन के चतुर्थ तल पर बने प्रेक्षागृह में उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। ललित कला संस्थान के छात्र-छात्राओं ने पंडित देवाशीष गांगुली के निर्देशन में सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। प्रभारी कुलपति ने कहा सभी से भवन को अच्छे इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया। मंच पर प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा, चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव, डीन एकेडमिक प्रो. संजीव कुमार, आईटीएचएम के निदेशक प्रो. लवकुश मिश्रा, कुलसचिव संजीव कुमार सिंह, वित्त अधिकारी एके सिंह उपस्थित रहे। स्वागत उद्बोधन ललित कला संस्थान की निदेशिका डॉ. इंदु जोशी ने दिया। प्रो. विनीता सिंह, प्रो. ब्रजेश रावत, प्रो. यूसी शर्मा, प्रो. शरदचंद्र उपाध्याय, प्रो. अनिल वर्मा, प्रो. यूएन शुक्ला, प्रो. सुंगम आनंद, प्रो. संतोष बिहारी शर्मा, प्रो. बीपी सिंह, प्रो. अनिल गुप्ता, डॉ. बीडी शुक्ला आदि की उपस्थिति रही।
ललित कला संस्थान में पेंटिंग, संगीत आदि के कैप्सूल कोर्स संचालित करने का सुझाव प्रभारी कुलपति की ओर से दिया गया। उन्होंने कहा कि कामकाजी लोग भी इसे रविवार के अवकाश के दिन कर सकेंगे। संस्थान का बैंड भी बनाने के लिए कहा।
प्रभारी कुलपति ने कहा कि ललित कला संस्थान में छात्र-छात्राओं के प्रशिक्षण के लिए हर हफ्ते कार्यशाला आयोजित की जाए। इसमें हुनरमंद लोगों को बुलाया जाए। स्थानीय कलाकारों को भी जोड़ने की बात कही। इससे छात्र-छात्राओं के कौशल का विकास होगा। गेस्ट हाउस, रिसेप्शन के संचालन की जिम्मेदारी आईटीएचएम को दी।