आगरा। ईदगाह चौराहे पर बुधवार को ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से एक युवक ने 10 हजार रुपये वसूली की कोशिश की। खुद को एंटी करप्शन का निरीक्षक बताकर टीएसआई और सिपाही को धमकाने लगा। भ्रष्टाचार में गिरफ्तारी का डर दिखाने लगा। शक होने पर पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को अवगत कराया। ऑनलाइन एंटी करप्शन से जानकारी लेने पर युवक के फर्जी होने का पता चला। इस पर शाहगंज पुलिस को बुलाकर पकड़ लिया। मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई।
एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि टीएसआई पीयूष सिंह, सिपाही कुलदीप और राजीव बुधवार दोपहर डेढ़ बजे ईदगाह चौराहे पर यातायात व्यवस्था देख रहे थे। तभी एक युवक उनके पास आया। कहा कि वो एंटी करप्शन में निरीक्षक है। संजय कुमार राय नाम है। सिपाही से 10 हजार रुपये देने के लिए कहने लगा। उन्होंने मना कर दिया।
इस पर कहने लगा कि यातायात पुलिस क्या करती है। मैं जानता हूं। अगर रुपये नहीं दोगे तो भ्रष्टाचार में गिरफ्तार कर लूंगा। रंगे हाथ पकड़े जाने पर कोई बच भी नहीं पाता है। सीधे जेल जाता है। यह सुनकर सिपाही घबरा गया। उसने टीएसआई को जानकारी दी। उन्होंने भी युवक से बात की। उससे बैच नंबर और तैनाती स्थल के बारे में जानकारी ली। युवक हड़बड़ा गया। उधर, टीएसआई ने ऑनलाइन और एंटी करप्शन के कर्मचारियों से संपर्क किया। पता चला कि संजय कुमार राय नाम का कोई नहीं है। इस पर थाना शाहगंज पुलिस को बुलाया गया। आरोपी संजय कुमार राय वाराणसी के भुल्लनपुर का रहने वाला है। उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। बृहस्पतिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
घूमने के लिए आया, वसूली में लग गया
एसीपी ने बताया कि आरोपी कुछ काम नहीं करता है। पूर्व में नोएडा की एक मार्केटिंग कंपनी में काम करता था। वह आगरा आया था। उसके पास रुपये खत्म हो गए। इस पर पुलिस से वसूली के बारे में सोचने लगा। उसे पता था कि इन दिनों विजिलेंस और एंटी करप्शन से शिकायत के बाद कई कर्मचारी पकड़े जा रहे हैं। उसने यातायात पुलिस कर्मियों से ही वसूली की योजना बनाई। उसके पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं था, जिससे वो खुद को पुलिसकर्मी साबित कर सके।