पुलिस के अनुसार, राकेश की मां ग्राम प्रधान हैं। वो सेना में भर्ती कराने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का काम कई साल से कर रहा है। पांच से छह लाख रुपये तक लेता था। प्रदेश में कई जिलों में गैंग के सदस्य सक्रिय हैं। पिछले दिनों शामली में भी उसके साथी पकड़े गए थे।
बना ली करोड़ों की संपत्ति
पुलिस ने बताया कि राकेश और उदय ने फर्जीवाड़े से काफी संपत्ति बनाई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरोह के सरगना के पास करोड़ों की संपत्ति है। हालांकि अब भी जांच कर रही है। राकेश प्रधान मां के सभी कार्य भी देखता था।
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प्रदेश के कई जिलों में नेटवर्क
गिरोह के सदस्य गांवों में सक्रिय रहते हैं। सेना भर्ती की तैयारी में लगे नवयुवकों को फर्जी दस्तावेजों की मदद से पास कराने का झांसा देते हैं। मेडिकल, निवास प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से तैयार कर देते हैं। इनका नेटवर्क प्रमुख रूप से प्रदेश के बरेली, सीतापुर, मेरठ, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर आदि जिलों में है।
ये हैं अभी फरार
पुलिस ने सरगना राकेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन हाथरस का सतीश, धौलपुर का सुरेंद्र, शामली का सरविंद्र, बाह का साधू यादव और मेरठ का सचिन अब भी फरार हैं। कुछ सदस्य शामली में पकड़े जा चुके हैं। उदय और जितेंद्र से पुलिस ने बैंक पासबुक, मोबाइल और फर्जी दस्तावेज बरामद किए थे।