मां...मैं कारगिल में पाकिस्तान बॉर्डर पर हूं। अपना ख्याल रखना। जनता कर्फ्यू पर कोई घर से न निकले। कोरोना को हम सब मिलकर हराएंगे। जज्बा-जुनून से भरपूर इन्हीं शब्दों से एक सैनिक ने अपने परिवार को जागरूक किया। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरा देश एकजुट है। स्वास्थ्य कर्मियों ने देश के अंदर कमान संभाल रखी तो सरहद पर देश की रखवाली करने वाला हर सैनिक की भी जंग का भागीदार है। पढ़िए अमर उजाला की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट....
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सैनिक शैलेंद्र सिंह का परिवार
- फोटो : Amar Ujala
आगरा के बड़ागांव बाह के महेश सिंह के बेटे शैलेंद्र सिंह गुर्जर कारगिल में तैनात हैं। शनिवार की सुबह पूजा की थाली लिए देवालय जा रही मां रामायनी के फोन की घंटी बजी। रिसीव किया तो सैनिक बेटा बोला, मां अपना ख्याल रखना, रविवार को कोई घर से न निकले। बहन शिवानी की शादी को छुट्टी नहीं मिल पा रही है। रामायनी ने भी कहा कि बेटा देश की सुरक्षा के साथ अपनी भी हिफाजत रखना।
शैलेंद्र सिंह गुर्जर से फोन पर पिता महेश सिंह, बहन शिवानी और पत्नी रचना से भी बात हुई। परिजनों ने बताया कि बॉर्डर पर आवाजाही बंद है। छुट्टियां रद्द होने की वजह से एक मई को होने वाली शिवानी की शादी के लिए शैलेंद्र को छुट्टी नहीं मिली है। हर सुबह शाम बेटे से बात होने से परिवार को तसल्ली होती है।
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सैनिक शैलेंद्र सिंह
- फोटो : Amar Ujala
सैनिक की मां रामायनी ने बताया कि पिछले साल शैलेंद्र की रचना के साथ शादी हुई थी। दो साल पहले उसे पहली पोस्टिंग कारगिल में मिली। दुर्गम चोटियों पर आतंकियों की घुसपैठ की चुनौती से जूझ रहा शैलेंद्र हर रोज परिजनों को हिम्मत बंधाता रहता है। जबकि घर पर हर रोज पूजा कर मां के साथ परिवार उसकी सलामती की दुआ करता है।
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धर्मेंद्र सिंह चाहर का परिवार
- फोटो : Amar Ujala
किरावली के जैगारा गांव के दर्याव सिंह के बेटे धर्मेंद्र सिंह चाहर बीएसएफ में हैं। इन दिनों उनकी तैनाती बाघा बॉर्डर पर है। गांव में पत्नी ऊषा देवी तीन पुत्रों सचिन (18), शिवम (16) और दीपक (12) के साथ रहती हैं। ऊषा देवी ने बताया कि वे वहां से बार-बार फोन करके बचाव के सुझाव देते रहते हैं। घर से कहीं भी बाहर जाने से मना करते रहते हैं। हम लोग भी उन्हें साबुन से हाथ धोते रहने आदि की सलाह देते हैं। उन्होंने बताया कि वहां बचाव के सारे इंतजाम हैं। फिक्र न की जाए पर, अपनों की चिंता तो लगी ही रहती है।
कस्बा सैंया निवासी फौजी दानवीर सिंह श्रीनगर में तैनात हैं। वो रोजाना फोन करके परिवार के लोगों को सचेत करते रहते हैं। उन्हें यह भी दिलासा देते हैं कि उनकी चिंता न करें। यहां कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए सेना ने सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सैनिक के भाई एडवोकेट प्रेमसिंह त्यागी ने बताया कि हम लोग प्रधानमंत्री के संदेश का अनुसरण कर रहे हैं। बचाव के सभी तरीकों को अपना रहे हैं।