कासगंज। पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में शहीद हुए कस्बा भरगैन के सैनिक आरिफ को जम्मू में सेना के अफसरों ने अंतिम सलामी दी। वहीं भरगैन में आरिफ की शहादत को नमन किया गया। शोक में डूबे भरगैन के बाशिंदों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
सोमवार सुबह जम्मू कश्मीर के नाबा यार्ड में तैनात सैनिक आरिफ खान पठान पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में शहीद हो गए। शहीद हुए आरिफ का शव बड़ौदा में पहुंच रहा है क्योंकि परिजन वहीं रहते हैं। कस्बा भरगैन के मूल निवासी शहीद सैनिक आरिफ को जम्मू कश्मीर के सेना मुख्यालय पर अफसरों ने अंतिम सलामी दी। वहीं कस्बा भरगैन में भी शहीद को नमन किया गया। कस्बे के बाशिंदे रिहान खान, इकबाल, सरफराज, रऊफ खान, शाहबाज खान, एमआर खान, रामपाल सिंह सहित तमाम लोगों ने शोक सभा आयोजित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। कस्बे के लोगों का कहना है कि सरकार पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दे। पाक की इस नापाक हरकत ने भरगैन के साथ साथ देश को क्षति पहुंचाई है।
गुजरात के मुख्यमंत्री को भरगैन के बाशिंदों ने किया ट्वीट
भरगैन। भरगैन के बाशिंदों ने गुजरात के मुख्यमंत्री को ट्वीट किया। रिहान खान ने ट्वीट कर मांग की है कि गुजरात सरकार बड़ौदा में रहने वाले शहीद के परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दे और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने ट्वीट का जवाब देते हुए गहरा दुख जताया और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
कासगंज के लाल को दी श्रद्धांजलि
सोरों। भरगैन निवासी सैनिक मोहम्मद आरिफ खान को कस्बे के लोगों ने जामा मस्जिद में शोक सभाकर श्रद्धंाजलि दी। जम्मू कश्मीर 18 रायल्स के सिपाही के रूप में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तैनात आरिफ शहीद हो गए। जामा मस्जिद में लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शोक जताया। जामा मस्जिद के इमाम हाफिज उवैद सिद्दीकी , मोहम्मद कामिल एडवोकेट, कमाल हसन, इफितदार हुसैन, अंजुम राहत, मुस्तफा हैदर आदि मौजूद रहे।