भरगैन। शहीद की शहादत को नमन करने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े, लेकिन शांति मार्च में भी गुस्से का गुबार फूट गया। भरगैन के जांबाज को नमन करतीं आंखें नम हो गईं। जुबां पर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे आ गए। हर कोई देश के सपूत की शहादत को नमन कर श्रद्धांजलि दे रहा था।
कस्बा भरगैन के आरिफ खान पाकिस्तानी हमले में शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर बड़ोदरा में भेजा गया है। बुधवार को वहां अंतिम संस्कार हो रहा था। हर कोई उन्हें अंतिम विदाई दे रहा था। वहीं कस्बा भरगैन में सुबह 10 बजे खिराजे अकीदत (श्रद्धांजलि) सभा का आयोजन किया गया। मोहल्ला लाल बाग की नूरी मस्जिद में श्रद्धांजलि सभा के आयोजन के बाद भरगैन के लोग शांति मार्च निकालने लगे। जैसे जैसे शांति मार्च कस्बे के अन्य मोहल्लों में बढ़ता गया। शहीद को शहादत देने वालों की भीड़ जुड़ती गई। शांति मार्च मोहल्ला जहानी थोक, रोशन महल, पुराना बाजार, कपड़ा बाजार, बीच थोक, अहमद थोक से गुजरता हुआ तसब्बर कॉलोनी में समाप्त हुआ।
भरगैन। मार्च निकाल रहे लोगों ने शहीद आरिफ का स्मारक बनाने की मांग की। समाजसेवी रिहान खान ने मांग उठाई कि कस्बे में एक शहीद आरिफ चौक बनाया जाए और शहीद की प्रतिमा स्थापित कर उनका स्मारक बनाया जाए। इसके अलावा उनके पैतृक आवास पर भी उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए।
राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
भरगैन। कस्बे के इकबाल, सरफराज, नदीम आदि ने देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ईमेल के जरिए ज्ञापन भेजा है। लिखा है कि शहीद आरिफ की मौत का बदला लेने के लिए देश की ओर से सख्त कदम उठाए जाएं। इसके अलावा कस्बा भरगैन को विशेष दर्जा दिया जाए। शहीद की शहादत के नाम पर देश में कस्बा भरगैन पहचाना जाए।
ये रहे मौजूद
भरगैन। शांति मार्च में दरुल हसन खान, निजाम खान, रऊफ खान, शायर जीशान भरगैनवीं, शायर नादिम नदीम, सरफराज खान, रिहान खान, हाजी इकरार खान, हाजी राशिद खान, हाजी शाहनवाज खान, सिमरान खान, सलीम खान, अब्दुल खान, खालिद खान, आकिब खान, शाहवाज खान, अब्दुल वकील आजाद, कलीम खान, इमरान खान, आदिल खान, हस्सान खान, अरफाक खान, बीएच खान आदि मौजूद रहे।