दयालबाग शैक्षिक संस्थान की शोध छात्रा हत्याकांड मामले में शुक्रवार को अदालत में बचाव पक्ष की दलीलें सुनी गईं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 जुलाई की तारीख तय की है।
आगरा के दयालबाग शैक्षिक संस्थान (डीईआई) की शोध छात्रा हत्याकांड के मामले में शुक्रवार को बहस हुई। अपर जिला जज प्रथम पुष्कर उपाध्याय की अदालत में बचाव पक्ष की तरफ से दलीलें दी गईं। 31 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
घटना 15 मार्च, 2013 की है। आरोप के मुताबिक, डीईआई की नैनो बायोटेक्नोलॉजी लैब में शोध छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने उदय स्वरूप और लैब टेक्नीशियन यशवीर संधू को गिरफ्तार किया, उन्हें जेल भेजा गया। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई, जिसने अपनी विवेचना में केवल उदय स्वरूप को आरोपी बनाया।
अब तक अभियोजन पक्ष के चार दर्जन से अधिक गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। बचाव पक्ष की ओर से भी पांच गवाहों की गवाही कराई गई, जिनमें लंदन (इंग्लैंड) निवासी फॉरेंसिक डीएनए विशेषज्ञ डॉ. एंडेरी सेमिकोस्की की गवाही हुई। वादी पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने सभी बचाव गवाहों से जिरह की। सुनवाई के दौरान वादी के अलावा आरोपी उदय स्वरूप और यशवीर संधू भी अदालत में मौजूद रहे।