अफसरों के कारनामे भी गजब हैं, इतिहास के साथ भूगोल भी बदल रहे हैं। मुगलिया दौर में आगरा किला और ताजमहल के बीच कभी सात हवेलियां और बागीचे थे, लेकिन एएसआई के अफसर हैं कि इनमें से चार हवेलियों और रिवरफ्रंड गार्डन की जगह बदलकर विवादित हेरिटेज कॉरीडोर की जमीन पर ‘साइट आफ मुगल गार्डन’ की अधिसूचना जारी करने में जुटे हैं। मंत्री के फरमान को पूरा करने की जल्दबाजी में एएसआई ने हेरिटेज कारीडोर पर बोर्ड भी लगा दिया है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) ताजमहल पूर्वी गेट पर मौजूद ताज टैनरी (हवेली खान ए दुर्रान), हवेली आगा खान और हाथी खाना के साथ हेरिटेज कॉरीडोर को साइट ऑफ मुगल गार्डन के नाम से संरक्षित करने की कवायद कर रहा है। प्री-नोटिफिकेशन की प्रक्रिया जारी है और कुछ दिनों में ही यह संरक्षित हो जाएंगे, लेकिन ‘साइट आफ मुगल गार्डन’ के नाम से एएसआई अफसर यहां चार हवेलियों को पुनर्जीवित करेंगे, जो राजा जयसिंह के नक्शे के साथ आस्ट्रियाई लेखिका ईवा कोच की पुस्तक ‘रिवरफ्रंट गार्डंस आफ आगरा’ में दर्ज हैं। हवेली असालत खां, हवेली महावत खां, हवेली आजम खान और हवेली इस्लाम खान के नाम प्रमुख हैं। ये हवेलियां और बागीचे ताजमहल और किले के बीच मौजूदा श्मशान घाट, चंद्रशेखर पार्क, विद्युत शवदाह गृह और खान ए आलम के बीच में थे, लेकिन इनका भूगोल बदलकर इन्हें कॉरीडोर की जमीन पर नया नाम दिया जा रहा है। पर्यटन मंत्री डा. महेश शर्मा के दौरे के समय एएसआई निदेशक ने कॉरीडोर साइट को ही असली मुगल गार्डन साइट बताकर मंजूरी ले ली, जबकि 10 साल पहले यहां यमुना नदी बहती हुई सभी ने देखी है।
ये मुगलिया गार्डन
खान ए आलम
हवेली असालत खां
हवेली महावत खां
हवेली होशदार खां
हवेली आजम खां
हवेली मुगल खान
हवेली इस्लाम खान
डेनियल और विलियम की पेंटिंग में दर्ज है ‘सच’
आगरा। 1789 में ब्रिटिश चित्रकार थॉमस डेनियल ने जो पेंटिंग बनाई, उसमें आगरा किले के साथ हवेली इस्लाम खान और हवेली आजम खान के अवशेष नजर आते हैं। इनका जिक्र भी डेनियल ने किया है। इसी तरह चित्रकार विलियम होग्स ने 1785-1788 के बीच बनाई पेंटिंग में आगरा किला और ताजमहल का जो चित्र तैयार किया, उसमें बीच में हवेलियां और गार्डन नजर आते हैं। यही नहीं, मशहूर फोटोग्राफर रघु राय के पुराने चित्रों में जिस स्थान पर मुगल गार्डन साइट बनाई जा रही है, वहां से यमुना नदी बहती दिखती है। तब यमुना महताब बाग छोर की जगह आगरा किला की ओर से सटकर बहती थी।