जोधपुर झाल में शोधार्थियों का दल
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वेटलैंड्स इंटरनेशनल के समन्वयक ईकोलॉजिस्ट टीके राव के मुताबिक जोधपुर झाल प्रवासी पक्षियों का अद्भुत प्राकृतिक आवास है। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से इसके संरक्षण के प्रयास किए जाएंगे।
सात वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में की गणना
सात वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में पक्षियों की गणना की गई। दो टीमों में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शोधार्थी एवं वरिष्ठ प्रोफेसर और बायोडायवर्सिट रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के सदस्य शामिल थे। इसमें प्रमुख रूप से डॉ. अमिता सरकार, डॉ. पुष्पेंद्र विमल, हिमांशी सागर, शमी सैयद, नेहा शर्मा, नितिश परिहार, मेहरान, आकाश जैन, वीरेंद्र गुप्ता, नवीन चंद्र, शिवेंद्र, सुनीता रहे।
जोधपुर झाल की अंतरराष्ट्रीय पहचान बनेगी
जोधपुर झाल पर अध्ययन कर रहे बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह के मुताबिक जोधपुर झाल पर करीब 150 पक्षियों की प्रजातियों को सूचीबद्ध किया जा चुका है। इसमें प्रवासी एवं आवासीय प्रजातियां शामिल हैं। इस गणना से जोधपुर झाल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनेगी।