मैनपुरी। शासन ने जनता दर्शन के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने कार्यालय में सुबह दस बजे उपस्थित रहकर शिकायतें सुनने का आदेश दिया है। लेकिन विकास भवन में इस समय तक अधिकारियों और कर्मचारियों के भी दर्शन नहीं होते हैं।
सोमवार को अमर उजाला की टीम ने सुबह साढ़े नौ बजे से सवा दस बजे तक विकास भवन के जनता दर्शन की पड़ताल करने पहुंची। सुबह दस बजे तक केवल मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया, परियोजना निदेशक डीआरडीए सुरेश चंद्र मिश्रा और जिला विकास अधिकारी पीके राय के अलावा डीओ पीआरडी सुल्तान सिंह और एडीपीआरओ रोहित कुमार ही कार्यालय पहुंचे थे। इन कार्यालयों में स्टाफ भी मौजूद था।
वहीं अन्य कार्यालयों में अधिकारियों की कुर्सियां खाली पड़ी थीं। सवा दस बजे तक भी ये अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचे। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय और सहकारिता विभाग में तो सुबह दस बजे झाडू़ लग रही थी।
अधिकारी नहीं तो क्यों आएं कर्मचारी
कुछ कार्यालयों में अधिकारी ही नहीं बल्कि कर्मचारी भी मौजूद नहीं थे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का तो सुबह दस बजे तक ताला भी नहीं खुला था। इसके साथ ही जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, सहकारिता विभाग और समाज कल्याण विभाग में कोई भी कर्मचारी नहीं आया था। इन तीनों ही कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपस्थित थे।
आदेश के बाद भी नहीं जागे अफसर
तीन दिसंबर को मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने सुबह 9.45 बजे विकास भवन का औचक निरीक्षण किया था। इसमें अधिकांश अधिकारी अनुपस्थित मिले थे। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नोटिस जारी कर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि हर हाल में सभी कर्मचारी और अधिकारी दस बजे कार्यालय में मौजूद रहें और जनता दर्शन में अधिकारी शिकायतें सुनें। इस आदेश का भी अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ।
ये अधिकारी मिले अनुपस्थित
- मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके शर्मा
- जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रशांत कुमार
- अधिशासी अभियंता आरईडी रजनीश कुमार
- जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी यश वर्मा
- समाज कल्याण अधिकारी डॉ. इंद्रा सिंह
- सहायक आयुक्त सहकारिता शीतला प्रसाद
- उपायुक्त एनआरएलएम रंजीत सिंह
- जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार
नोट: जिला कृषि अधिकारी अवकाश पर और डीपीआरओ मंडलीय समीक्षा बैठक के लिए आगरा गए थे।
सभी अधिकारियों और सुबह दस बजे से जनता दर्शन में शिकायतें सुनने और कर्मचारियों को दस बजे से पहले ही कार्यालय पहुंचने के आदेश दिए गए हैं। जो अधिकारी नहीं आए हैं उनसे जवाब मांगा जाएगा। जवाब उचित न होने पर कार्रवाई की जाएगी। जो कार्यालय बंद मिला घोर लापरवाही है। इस पर कार्रवाई की जाएगी।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।