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UP: शोध छात्रा हत्याकांड...आरोपी की जमानत खारिज के करने लिए प्रार्थना पत्र, सुप्रीम कोर्ट से मिली थी राहत

Sun, 03 Aug 2025 12:11 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

दयालबाग शिक्षण संस्थान में शोध छात्रा की हत्या हुई थी। इस सनसनीखेज घटना के आरोपी उदय स्वरूप को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलते हुए सशर्त जमानत मिली थी। अब कोर्ट में जमानत खारिज करने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है।
 
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शोध छात्रा हत्याकांड का आरोपी उदय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के दयालबाग शिक्षण संस्थान के शोध छात्रा हत्याकांड के मुकदमे में विशेष लोक अभियोजन पक्ष ने आरोपी उदय स्वरूप की जमानत खारिज कराने के लिए सत्र न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष ने 7 गवाहों की सूची दाखिल की थी। मुकदमे के निस्तारण में देरी हो रही है। एडीजे-1 ने सुनवाई के लिए 5 अगस्त की तारीख तय कर दी। इससे पहले आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी।
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15 मार्च 2013 को दयालबाग शिक्षण संस्थान की नैनो बायो टेक्नोलॉजी लैब में शोध छात्रा की पेपर कटर से काटकर हत्या हुई थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में उदय स्वरूप को जेल भेजा था। पहले पुलिस ने विवेचना कर आरोपपत्र दाखिल किए थे। उदय स्वरूप और लैब टेक्नीशियन यशवीर संधू को जेल भेजा था। उन्हें हत्या, दुष्कर्म की कोशिश और साक्ष्य मिटाने का आरोपी बनाया। फरवरी 2016 में दोनों आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। 

 
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बाद में सीबीआई ने विवेचना कर चार्जशीट लगाई। इसमें उदय स्वरूप को आरोपी बनाया गया। हत्या, दुष्कर्म और साक्ष्य मिटाने में आरोप तय किए गए। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा था। 8 साल जेल में रहने के बाद आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। मामला अब बचाव साक्ष्य में चल रहा है। उदय स्वरूप की ओर से पूर्व में बचाव साक्ष्य के लिए सात लोगों की सूची दाखिल की गई थी।

कब क्या हुआ
- 15 मार्च 2013 : दयालबाग स्थित शिक्षण संस्थान में शोध छात्रा की हत्या।
- 16 मार्च : घटना की जानकारी पर छात्र-छात्राएं सड़क पर प्रदर्शन किए।
- 17 मार्च : पुलिस ने संस्थान की लैब के पास से लैपटॉप बरामद किया।
- 22 अप्रैल : हत्याकांड में उदय स्वरूप और यशवीर संधू जेल भेजे गए।
- 18 जुलाई : पुलिस ने विवेचना पूरी की। आरोपपत्र को कोर्ट में पेश किया।
- 22 जुलाई : प्रदेश सरकार ने केस सीबीआई को स्थानांतरित किया।
- 10 फरवरी 2014 : उदय स्वरूप और यशवीर संधू को हाईकोर्ट से जमानत मिली।
- 5 जनवरी 2016 : सीबीआई ने कोर्ट में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। दुष्कर्म की कोशिश की धारा को हटाया गया।
- आरोपपत्र दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने में लगाया गया। इसमें उदय स्वरूप पर आरोप तय किए गए। यशवीर संधू को क्लीन चिट दी गई।
- 12 मई 2016 को आरोपी उदय स्वरूप को फिर से जेल भेजा गया था।
- 2024 में सुप्रीम कोर्ट से आरोपी उदय स्वरूप को जमानत मिली थी।
- 27 जून 2025 को विशेष लोक अभियोजन ने आरोपी उदय स्वरूप की जमानत खारिज के सत्र न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया।

 
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