आगरा के दयालबाग शिक्षण संस्थान के शोध छात्रा हत्याकांड के मुकदमे में विशेष लोक अभियोजन पक्ष ने आरोपी उदय स्वरूप की जमानत खारिज कराने के लिए सत्र न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष ने 7 गवाहों की सूची दाखिल की थी। मुकदमे के निस्तारण में देरी हो रही है। एडीजे-1 ने सुनवाई के लिए 5 अगस्त की तारीख तय कर दी। इससे पहले आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी।
15 मार्च 2013 को दयालबाग शिक्षण संस्थान की नैनो बायो टेक्नोलॉजी लैब में शोध छात्रा की पेपर कटर से काटकर हत्या हुई थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में उदय स्वरूप को जेल भेजा था। पहले पुलिस ने विवेचना कर आरोपपत्र दाखिल किए थे। उदय स्वरूप और लैब टेक्नीशियन यशवीर संधू को जेल भेजा था। उन्हें हत्या, दुष्कर्म की कोशिश और साक्ष्य मिटाने का आरोपी बनाया। फरवरी 2016 में दोनों आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।