यह लगाया आरोप
आरोप है कि विपक्षी अमर देवी ने षड्यंत्र के तहत भू माफिया से मिल फर्जी दस्तावेज तैयार कर श्रीपाल की वारिस बन 16 अगस्त 1958 के नाम हटवा दिए। स्वयं का नाम इंद्राज करा 28 फरवरी 2020 को प्रार्थी और अन्य खातेदारों को सूचित किए बिना धोखाधड़ी की नियत से अपना नामांतरण करा लिया।
उक्त जमीन का बैनामा इटावा के सांसद रामशंकर कठेरिया की पत्नी मृदुला कठेरिया के नाम पर 24 फरवरी को कर दिया। इसके बाद उनका नामांतरण करा दिया। मृदुला कठेरिया खंदारी कैंपस के आवासीय परिसर में निवास करती हैं।
सांसद रामशंकर कठेरिया की पत्नी होने के बावजूद अभिलेखों में पति की जगह पिता का नाम राजेश्वर दयाल और उनका पता बिल्लोचपुरा, हरीपर्वत दर्ज कराया गया। इसका पता चलने पर पीड़ित ने एसएसपी से लेकर मुख्यमंत्री तक को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आरोप यह भी है कि 30 मई की सुबह नौ बजे सांसद, उनकी पत्नी के गुर्गों ने खेत पर आकर जोतने का प्रयास किया। विरोध पर गालीगलौज और धमकी दी। कहा कि अमर देवी ने यह संपत्ति सांसद की पत्नी को बेच दी है। प्रार्थी का आरोप है कि झूठे दस्तावेज और सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्षियों ने यह काम किया है।
खेत वापसी के एवज में पांच करोड़ की चौथ मांग रहे हैं। पीड़ित ने अधिवक्ता रमाशंकर सिंह राजपूत के माध्यम से धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इस पर कोर्ट ने थाना एत्मादपुर से आख्या के लिए 16 जून की तिथि नियत की है।
ये हैं नाम
प्रार्थना पत्र में बलवा, मारपीट, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी, धोखाधड़ी, कूटरचना, चौथ मांगने और षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए गुहार लगाई है। इसमें मृदुला कठेरिया पुत्री रामेश्वर दयाल, सांसद रामशंकर कठेरिया, अमर देवी, हेमंत कुमार, बंटी कुमार, विशाल सिंह, उमेश कुमार, सुदेश कुमार , ओमकार सिंह और सर्वेश कुमार को पक्षकार बनाया है।