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ताजमहल में कोई भी अदा कर सकता है ईद की नमाज, सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं होगा प्रभावी

Tue, 21 Aug 2018 05:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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taj mahal
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ईद-उल-जुहा को नमाजी ताजमहल के तय नमाज के समय पर ईद की नमाज अदा कर सकते हैं। इस दिन यानी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश प्रभावी नहीं होगा। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने विश्व धरोहर को संरक्षित और सुरक्षित रखने के लिए शुक्रवार को बाहरी लोगों के ताजमहल में प्रवेश पर रोक लगाई है। वैसे भी एएसआई ने बकरीद के दिन सुबह 7 से 10 बजे तक ताजमहल में प्रवेश फ्री कर दिया है। इस बीच ही ईद की नमाज भी होनी है। 

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ताजमहल शुक्रवार को बंद रहता है। इस दिन दोपहर की नमाज के लिए सिर्फ स्थानीय नमाजियों का प्रवेश होता है। लेकिन बड़ी संख्या में पर्यटक भी नमाज अदा करने चले जाते थे। इसे लेकर जिला प्रशासन ने सिर्फ स्थानीय लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी, तो एक कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए नमाज के लिए सिर्फ स्थानीय लोगों के प्रवेश की अनुमति दी। ये आदेश शुक्रवार के नमाज के लिए है। बकरीद बुधवार को है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन जैसी कोई बात नहीं आ रही है। वहीं एएसआई ने सभी विवादों को विराम देते हुए बुधवार को सुबह 3 घंटे तक ताजमहल में प्रवेश फ्री कर दिया है। एएसआई के अधिकारी बसंत स्वर्णकार ने बताया कि जिसकी इच्छा हो, वे सभी नमाज अदा कर सकते हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने ये दिया था फैसला 

ताजमहल मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि शुक्रवार को नमाज में ताजमहल के अंदर बाहरी लोग भी जा सकें। जिला प्रशासन ने जनवरी, 2018 में केवल स्थानीय मुस्लिमों के प्रवेश की अनुमति दी थी। इसके खिलाफ ही कमेटी ने याचिका दी, लेकिन कोर्ट ने फैसले में याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा था कि ताजमहल विश्व धरोहर है। नमाजी ताज के पास की किसी भी मस्जिद में नमाज अदा कर सकते हैं। स्थानीय मुस्लिमों के अलावा किसी बाहरी के प्रवेश पर रोक है।

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