रैगिंग पर अंकुश लगाने के लिए एंटी रैगिंग सेल के बाद एसएन मेडिकल कालेज ने एंटी रैगिंग स्क्वाएड गठित किया है। इसमें सभी विभागों के एक-एक सदस्य शामिल हैं।
एक साल में एसएन में आधा दर्जन से अधिक रैगिंग के मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में दिल्ली में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की मीटिंग में सभी कालेजों से इस तरह की घटनाओं का विवरण मांगा गया। प्रदेश में सर्वाधिक घटनाओं में कानपुर के बाद एसएन मेडिकल कालेज का नंबर है। एमसीआई ने प्रत्येक कालेज में स्क्वाएड बनाने के निर्देश दिए। एसएनएमसी में एसपीएम विभाग के डा. एसके मिश्रा के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम बनाई गई है। वार्ड, हास्टल, कैंटीन, लाइब्रेरी और परिसर में छात्रों पर निगरानी रखेगी। प्राचार्य डा. एसके गर्ग ने बताया कि रैगिंग की शिकायत पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। छात्र की कद-काठी, रंगरूप, क्षेत्र और धार्मिक पहचान पर टिप्पणी करना भी रैगिंग माना जाएगा।