आगरा जिला अस्पताल में लगा एआरवी खत्म होने का पर्चा
- फोटो : अमर उजाला
आगरा जिला अस्पताल में एक बार फिर जानवर काटे के इलाज में लगने वाले एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) खत्म हो गई है। मरीज यहां से लौट कर निजी अस्पतालों में 350 रुपये खर्च कर एआरवी लगवाने को मजबूर हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 192 मरीज जानवर काटे के आए। 90 फीसदी को कुत्ते और बाकी को बंदर ने काट खाया था।
जिला अस्पताल में नि:शुल्क टीका लगने की सुविधा है। मरीज इंजेक्शन कक्ष में गए, तो यहां स्टाफ ने एआरवी खत्म होने की जानकारी देकर लौटा दिया। इंजेक्शन पहले दिन ही लगना जरूरी था, ऐसे में मरीज निजी अस्पताल में टीका लगवाने चले गए।
महिला दिवस: नेताजी सुभाषचंद्र बोस एक्सप्रेस की सारथी बनीं 'नारी शक्ति', ट्रेन लेकर कानपुर रवाना
शासन को डिमांड भेज दी है
जानवर काटे के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में एआरवी खत्म हो गए हैं। शासन को भी इसकी डिमांड भेज दी है। इसी सप्ताह उपलब्ध होने की उम्मीद है। -डॉ. एसके वर्मा, एसआईसी
यह बोले मरीज
बहन को टीका लगवाने के लिए लाई थी, लेकिन इंजेक्शन ही खत्म हो गए हैं। प्राइवेट अस्पताल में इंजेक्शन लगवाना पड़ेगा। -अरीबा बेगम, खेरिया मोड़
- कुत्ता ने काट खाया, डॉक्टर ने देखकर तीन इंजेक्शन लगवाने के लिए बताया। पहला इंजेक्शन लगवाने आया था लेकिन खत्म हो चुके थे। -रवि कुमार, शहीद नगर
- बच्चे को कुत्ता ने काट लिया, जिला अस्पताल में इंजेक्शन नहीं लगा तो निजी अस्पताल में 350 रुपये देकर लगवाना पड़ा है। -मनोज कुमार, रोहता