फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुत्ते ने काटा अब जीएसटी की वजह से नहीं मिल रहा इलाज

Wed, 12 Jul 2017 08:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
GST
विज्ञापन
जीएसटी लागू होने से जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) की सप्लाई बंद हो गई है। इसकी वजह कंपनी के जीएसटी में पंजीकरण की देरी को कारण माना जा रहा है। एआरवी नहीं आने से मरीज प्राइवेट मेडिकल स्टोर सेे इंजेक्शन खरीदकर लगवाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


जिले में 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने की सुविधा है। औसतन रोजाना इन केंद्रों पर 1200 से 1500 मरीज रहते हैं। इन केंद्रों पर 22 जून से वैक्सीन की सप्लाई नहीं आ रही। एक जुलाई से जीएसटी लगी, ऐसे में वैक्सीन उपलब्ध कराने वाली कंपनी की सप्लाई रुक गई। 

अब जीएसटी में पंजीकरण बिना दवाओं-वैक्सीन की खरीद-बिक्री संभव नहीं है। सीएमएस डा. सुबोध कुमार ने बताया कि संबंधित दवा कंपनी को दोबारा पत्र लिखा है। बताया गया है कि जीएसटी में पंजीकरण संख्या आने के बाद सप्लाई करा दी जाएगी। 
विज्ञापन


जीएसटी से जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लेडी लायल और एसएन मेडिकल कालेज में दवाओं की सप्लाई भी प्रभावित होने की उम्मीद है। एक जुलाई से पहले दिए गए आर्डर रुक गए हैं, दवा कंपनियों ने संबंधित अस्पताल प्रशासन से जीएसटी के बाद लागू कीमत लगाने की बात कही है। इस दौरान दवाओं की किल्लत होने की संभावना है। 

वहीं एसएन मेडिकल कालेज के सीएमएस डा. शैलेंद्र चौधरी ने बताया कि दवाओं की किल्लत नहीं होगी। दवा कंपनियों ने जीएसटी के बाद दवाओं की कीमत का भुगतान करने का आग्रह किया है, इसको मान लिया है। जिला अस्पताल सीएमएस डा. सुबोध कुमार ने बताया कि दवाओं की अभी कोई परेशानी नहीं है। नए आर्डर का जीएसटी के मुताबिक भुगतान कराया जाएगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें