मोनोब्लॉक वापस करने के नाम पर तखरऊ विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जेई व साथियों ने उपभोक्ता से 30 हजार की रिश्वत मांगी। शिकायत पर एंटी करप्शन आगरा की टीम ने लाइनमैन को 18 हजार रुपये रिश्वत के साथ गिरफ्तार कर लिया। कुर्रा थाना में जेई, टीजीटूऔर लाइनमैन/ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव सढ़ निवासी निर्मल चंद पांडेय ने एंटी करप्शन आगरा ग्रुप को एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया कि 31 अगस्त को तखरऊ विद्युत उप केंद्र पर तैनात जेई मनोज कुमार, नोडल अधिकारी कृष्णकांत सोलंकी और लाइनमैन भूरे उसी खेत पर रखी दो मोनोब्लॉक बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए उठाकर ले गए थे। घर वापस आने के बाद उसे इस बात की जानकारी हो सकी।
विद्युत उपकेंद्र जाकर उसने जब अपने मोनोब्लॉक वापस मांगे तो जेई ने उसे धमकाते हुए कहा कि उसके खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज किया जाएगा और तब उससे करीब डेढ़ लाख रुपये जुर्माना लगेगा। ऐसा नहीं करना है तो 50 हजार रिश्वत देनी होगी। शिकायतकर्ता के अनुसार बातचीत के बाद 30 हजार रिश्वत तय हुई थी। जेई के कहने पर 12 हजार रुपये लाइनमैन को उसी समय दे दिए गए। 18 हजार बुधवार को देना तय हुआ था।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन सिकंदरा आगरा ट्रैप टीम प्रभारी कुशल वीर सिंह बुधवार को कार्रवाई के लिए टीम के साथ मैनपुरी पहुंचे थे। टीम के साथ कुर्रा थाना क्षेत्र में तखनऊ पुल के पास लाइनमैन जितेंद्र उर्फ भूरे को निर्मल पांडेय से 18 हजार रुपये रिश्वत के दिए। तभी टीम के सदस्यों ने लाइनमैन को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लाइनमैन को टीम थाना कुर्रा लेकर आई। वहां पूछताछ करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की गई। टीम प्रभारी की ओर से जेई, नोडल अधिकारी और लाइनमैन के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।