कासगंज जिले में सुप्रिया के बाद एक और फर्जी शिक्षिका का पर्दाफाश हुआ है। यह शिक्षिका कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय रानामऊ अमांपुर में पूर्णकालिक शिक्षिका के रूप में लक्ष्मी नाम से पढ़ा रही थी, जबकि लक्ष्मी मैनपुरी जिले के बेवर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सेवारत हैं।
विभागीय जांच में स्पष्ट हुआ है कि लक्ष्मी के दस्तावेजों पर युवती ने नौकरी पाई है। यह फर्जी शिक्षिका कौन हैं और कहां की रहने वाली है, अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो सका है। इस फर्जीवाड़े को किसने अंजाम दिया? कैसे फर्जी दस्तावेजों पर शिक्षिका की नियुक्ति हुई? इसकी जांच की जा रही है।
फरीदपुर के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली सुप्रिया के पकड़े जाने पर कस्तूरबा विद्यालय के सभी कर्मियों की जांच शुरु की गई। जांच के दौरान कथित लक्ष्मी ने कोई भी दस्तावेज मूल रूप से जांच के लिए नहीं दिया और अचानक ही लापता हो गई।