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कासगंज में एक और फर्जी शिक्षिका का पर्दाफाश, स्कूल में 'लक्ष्मी' नाम से कर रही थी नौकरी

Sat, 20 Jun 2020 04:57 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज

सार

  • लक्ष्मी नाम की शिक्षिका के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों पर कर रही थी नौकरी
  • असली लक्ष्मी मैनपुरी के बेवर में है तैनात, विभागीय जांच में हुआ खुलासा 
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फर्जी शिक्षिका - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कासगंज जिले में सुप्रिया के बाद एक और फर्जी शिक्षिका का पर्दाफाश हुआ है। यह शिक्षिका कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय रानामऊ अमांपुर में पूर्णकालिक शिक्षिका के रूप में लक्ष्मी नाम से पढ़ा रही थी, जबकि लक्ष्मी मैनपुरी जिले के बेवर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सेवारत हैं। 

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विभागीय जांच में स्पष्ट हुआ है कि लक्ष्मी के दस्तावेजों पर युवती ने नौकरी पाई है। यह फर्जी शिक्षिका कौन हैं और कहां की रहने वाली है, अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो सका है। इस फर्जीवाड़े को किसने अंजाम दिया? कैसे फर्जी दस्तावेजों पर शिक्षिका की नियुक्ति हुई? इसकी जांच की जा रही है।  


फरीदपुर के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली सुप्रिया के पकड़े जाने पर कस्तूरबा विद्यालय के सभी कर्मियों की जांच शुरु की गई। जांच के दौरान कथित लक्ष्मी ने कोई भी दस्तावेज मूल रूप से जांच के लिए नहीं दिया और अचानक ही लापता हो गई। 

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मोबाइल नंबर बंद, व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ा

कथित शिक्षिका का जो मोबाइल नंबर विभाग के पास था, वो नंबर भी बंद हो गया। कस्तूरबा गांधी विद्यालय का व्हाट्सएप ग्रुप भी शिक्षिका ने छोड़ दिया। इस पर बीएसए अंजलि अग्रवाल ने जांच टीम को मैनपुरी भेजा। वहां जाकर टीम ने सबसे पहले जवाहर नवोदय विद्यालय ने लक्ष्मी नाम के दस्तावेजों का निरीक्षण किया। जो वहां सही पाए गए। 

इसके बाद बीएसए कार्यालय मैनपुरी में जाकर पता किया तो मालूम हुआ कि शिक्षिका बेवर ब्लॉक के बरा गांव के विद्यालय में कार्यरत है। शिक्षिका के घर जाकर भी उसके दस्तावेजों का परीक्षण किया। 

जांच पड़ताल में पता चला कि जो शिक्षिका जून 2016 से अमांपुर रानामऊ के कस्तूरबा विद्यालय में सेवारत हैं वो कोई और है तथा फर्जी रूप से नौकरी कर ही है। जांच टीम ने सभी असली प्रमाण जुटा लिए। अब फर्जी शिक्षिका की तलाश की जा रही है। 
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आरोपी पर दर्ज होगी एफआईआर

बीएसए अंजलि अग्रवाल ने बताया कि रानामऊ अमांपुर के कस्तूरबा विद्यालय में पूर्णकालिक विज्ञान शिक्षिका के रूप में काम करने वाली कथित शिक्षिका फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रही थी। यह शिक्षिका जांच शुरू होते ही लापता हो गई।

बीएसए ने कहा कि यह शिक्षिका कौन थी, इसका पता लगाया जा रहा है। फर्जी शिक्षिका के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराई जाएगी। असली शिक्षिका लक्ष्मी मैनपुरी की रहने वाली हैं और बेवर ब्लॉक के बरा गांव के विद्यालय में सेवारत है। 

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