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बल्केश्वर गोशाला में एक और बछिया ने दम तोड़ा

Wed, 19 Apr 2017 12:48 AM IST
अमर उजाला आगरा
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चार दिन में नौ बछड़े-बछियाओं की मौत, हीटस्ट्रोक बताया जा रहा कारण - फोटो : अमर उजाला
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वाटर वर्क्स स्थित गोशाला में गोवंश के मरने का सिलसिला नहीं थम रहा है। मंगलवार को भी एक बछिया ने दम तोड़ दिया। गोशाला प्रबंधन ने इस बछिया को भी पोस्टमार्टम कराए बिना ठिकाने लगा दिया। मौत का कारण हीटस्ट्रोक बताया जा रहा है। कुछ घंटे पहले ही उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में गोवंश का परीक्षण करने पहुंची टीम ने हीटस्ट्रोक को लेकर कर्मचारियों को आगाह भी किया था। इसके बावजूद प्रबंधन ने लापरवाही बरतते हुए गोवंश को गर्मी से बचाने का कोई उपाय नहीं किया। इसी गोशाला में चार दिन में नौ गोवंश की मौत हो चुकी है।
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बल्केश्वर रोड, वाटर वर्क्स स्थित श्री गोशाला सोसाइटी में मंगलवार अपराह्न लगभग साढ़े तीन बजे लगभग डेढ़ साल की बछिया की तबियत अचानक बिगड़ गई। गोशाला के पशु चिकित्सक डा. यूएस गुप्ता ने कर्मचारियों की मदद से बछिया का उपचार शुरू किया। उसने दम तोड़ दिया। इस बछिया को भी गोशाला प्रबंधन ने बिना किसी को सूचित किए ठिकाने लगा दिया।
पिछले तीन दिन से लगातार गोवंश के मरने के बावजूद इस बछिया का भी पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। न ही गोवंश की देखभाल के तरीके में बदलाव लाया गया। बता दें कि इस बछिया की मौत से कुछ घंटे पहले ही उपमुख्य पशु चिकित्सक विजय वीर चंद्रयाल ने अपनी चार सदस्यीय टीम के साथ गोशाला के गोवंश का परीक्षण किया था। इसमें उन्होंने प्रबंधन को गोवंश के लिए टिनशेड की व्यवस्था करने को कहा था। ताकि उन्हें भीषण गर्मी से बचाया जा सके। इसके साथ ही हीटस्ट्रोक से बचाने के लिए गुड मिला पानी पिलाने को भी कहा था। इसके बावजूद कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया। डा. यूएस गुप्ता ने बछिया के मरने की पुष्टि की है।
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गोशाला में भूख से
छटपटा रहा गोवंश

बल्केश्वर गोशाला में उपलब्ध नहीं हो पा रहा चारा
आगरा। बल्केश्वर गोशाला में गोवंश ऐसे ही दम नहीं तोड़ रहा। इनके रखरखाव में घोर लापरवाही बरती जा रही है। यहां तक कि अधिकांश गोवंश को पर्याप्त चारा तक नहीं मिल रहा। ऐसे में वे भूख से छटपटा रहे हैं। दूसरी ओर भीषण गर्मी में तेज धूप से बचने का भी कोई बंदोबस्त नहीं है। इसकी वजह से गोवंश हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहा है। खासतौर से बछड़े और बछिया यह सब सहने की स्थिति में नहीं है। इसका खुलासा मंगलवार को गोशाला में निरीक्षण को पहुंचे उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विजय वीर चंद्रयाल ने किया है।
डा. चंद्रयाल चार सदस्यीय टीम के साथ गोवंश की स्थिति देखने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि गोशाला में क्षेत्र के हिसाब से गोवंश की संख्या अत्यधिक है। उनके लिए जगह कम है। धूप से बचने के लिए टीनशेड नहीं है। जो हैं भी, वह इतने नीचे हैं कि उसमें गर्मी और ज्यादा लगती है। गोवंश को पर्याप्त चारा नहीं मिल पा रहा। ऐसे में कमजोर और बछड़े-बछियाओं का पेट नहीं भर पा रहा। जितना चारा मिल रहा है, उसे गोशाला के बलशाली सांड़ ही खा जा रहे हैं। बछड़े और बछिया कमजोर होते जा रहे हैं। पेट खाली होने के कारण भीषण गर्मी नहीं झेल पा रहे हैं। ऐसे में वह हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं।
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