कभी भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में मुख्य सहयोगी रहे अरविंद केजरीवाल के बारे में अन्ना हजारे की राय काफी जुदा हैं। आगरा में अपनी जनसभा के बाद अन्ना ने ये तक कह दिया कि अबकी बार के आंदोलन से वह दूसरा केजरीवाल पैदा नहीं होने देंगे।
आगरा के शहीद स्मारक पर जनसभा के बाद दिल्ली गेट स्थित होटल गोवर्धन में मीडिया से रूबरू होकर अन्ना हजारे ने कहा कि 2011 के आंदोलन से सबक ले लिया है। अब जो भी उनके साथ आंदोलन में जुड़ेगा उससे शपथ पत्र लिया जाएगा।
इसमें उससे किसी भी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने, पार्टी बनाने और चुनाव लड़ने की पाबंदी होगी। अगर ऐसा कोई करता है तो उसे कोर्ट में घसीटूंगा। अभी तक पांच हजार से अधिक लोगों से शपथ पत्र भर लिए गए हैं।
केजरीवाल
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अरविंद केजरीवाल की सरकार पर उन्होंने कहा कि जबसे उन्होंने राजनीतिक दल बनाया है, उनसे कोई संबंध नहीं है। केंद्र की मोदी सरकार को काला धन पर घेरते हुए कहा कि चुनाव से पहले कहा कि 30 दिन में काला धन देश में होगा।
हर खाते में 15 लाख रुपये होंगे, लेकिन 15 रुपये भी नहीं आए। ऐसा कहने से अब मोदी जी भी उनसे एलर्जी करने लगे हैं। कहा कि कांग्रेस और न ही भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा।
एनएसयूआई ने बोली भाजपा के एजेंट
एनएसयूआई
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एनएसयूआई के कार्यकर्ता पोस्टर लेकर जनसभा स्थल पर पहुंच गए। यहां अन्ना हजारे का शांतिपूर्वक विरोध किया। संगठन के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अमित सिंह ने कहा कि अन्ना भाजपा के एजेंट हैं।
अमित शाह के बेटे के भ्रष्टाचार पर खामोश रहे, विदेश में जमा काला धन क्यों नहीं आया, जन लोकपाल, राफेल डील पर भी चुप्पी क्यों साधी रही। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अन्ना भाजपा का माहौल बनाने के लिए निकले हैं।