पटियाली। गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। पानी का स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन ग्रामीणों की समस्याएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। एक ओर जहां फसलें नष्ट हो गईं और संपर्क मार्ग टूट गए, वहीं दूसरी ओर अब पालतू पशु भी बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं।
पशुओं में किलनी, दस्त, चारा न खाना, पेट में कीड़े जैसी बीमारियां देखने को मिल रही हैं। इस पर पशु स्वास्थ्य विभाग की टीम सोमवार को गांव मुंजखेड़ा पहुंची। टीम ने ग्रामीणों के पालतू पशुओं की जांच कर दवाएं वितरित कीं।
पशु चिकित्सक डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि टीम ने 65 पशुओं का उपचार किया। इनमें टीकाकरण के साथ-साथ जरूरी दवाओं का भी वितरण किया गया। ग्रामीणों से पशुओं को स्वच्छ पानी और चारा देने की अपील की। पशु चिकित्सा विभाग की टीम में डॉ. अनुज, खजान सिंह, प्रदीप कुमार, मुकेश कुमार, विकास और भानु भी मौजूद रहे। टीम ने गांव में पशु स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के लिए अभियान चलाया। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के समय में पालतू जानवरों को इलाज मिलना बेहद जरूरी है।