हर फाइल पर दो हजार मांगने का लगाया था आरोप
बुधवार को लोहामंडी जोन में प्रथम श्रेणी लिपिक मनोज श्रीवास्तव ने नगर निगम इमारत से कूदने का प्रयास किया। रोकने पर उनके विषाक्त का सेवन करने की चर्चाएं चलीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। मनोज श्रीवास्तव ने हर फाइल पर दो हजार रुपये मांगने के आरोप कर निर्धारण अधिकारी पर लगाए थे। सुबह कर्मचारियों तक जैसे ही यह जानकारी पहुंची, हर जोन के कर्मचारी नगर निगम पहुंच गए। प्रदर्शन करने वालों में हरीबाबू वाल्मीकि, दीपक राठौर, धर्मेंद्र शर्मा, शैलेंद्र राठौर आदि शामिल रहे।
दोनों अधिकारियों को हटाया
नगर आयुक्त ने मामले की जांच होने तक कर निर्धारण अधिकारी सुभाष चंद भारतीय और कर अधीक्षक सोबरन सिंह को मुख्यालय से कंट्रोल रूम में तैनात किया गया है। उनके स्थान पर लोहामंडी में सीपी सिंह कर अधीक्षक का कार्य देखेंगे। वहीं हरीपर्वत जोन में कर निर्धारण अधिकारी का कार्य विजय कुमार सिंह देखेंगे। दोनों अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।
एक पटल पर जमे अधिकारी, कर्मचारी हटेंगे
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि एक नगर निगम में तमाम ऐसे अधिकारी और कर्मचारी हैं जो कई वर्षों से एक ही पटल पर जमे हुए हैं। उनकी लगातार शिकायत भी मिल रहीं हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि ऐसे सभी कर्मचारियों की सूची बनाई जा रही है जो लगातार एक ही विभाग में एक ही पटल पर जमे हुए हैं। सभी के तबादले किए जाएंगे।
हाउस टैक्स की गड़बड़ियों पर हो चुका है विशेष सदन
नगर निगम में विशेष सदन के जरिए हाउस टैक्स की गड़बड़ियों पर चर्चा हो चुकी है। आगरा नगर निगम में संजय प्लेस में एक ही ब्लॉक की एक ही साइज की दो दुकानों का गृहकर अलग-अलग तय किया गया है। एक दुकान का गृहकर 450 रुपये प्रतिवर्ष तय किया गया तो पड़ोसी का गृहकर 2400 रुपये तय किया गया। ऐसे ही कारनामों के लिए हर फाइल पर टैक्स अधिकारियों ने रकम तय कर रखी है, जिसके आरोप मनोज श्रीवास्तव ने लगाए हैं। नेशनल हाईवे के एक अस्पताल का मामला भी चर्चित हुआ था, जिसमें एक ही भवन का गृहकर तय करने की जगह चिकित्सकों के चैंबर का गृहकर अलग-अलग तय किया गया था।