मैनपुरी। ड्यूटी के दौरान सोते हुए वार्डबॉय का वीडियो वायरल होने पर सीएमएस डॉ. मदनलाल ने उसे निलंबित कर दिया था। इससे नाराज अस्पताल के वार्डबॉय, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और संविदाकर्मियों ने हड़ताल कर दी। जिला अस्पताल के गेट पर धरना देते हुए प्रदर्शन किया। दोपहर बाद सीएमएस द्वारा मामले की जांच की बात कही गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद वार्डबॉय को बहाल करने के आश्वासन पर हड़ताल खत्म हो गई।
मंगलवार को जिला अस्पताल में तैनात वार्डबॉय नरेश सैनी का सोते हुए वीडियो वायरल हुआ था। जानकारी होने पर बुधवार को सुबह सीएमस डॉ. मदनलाल ने उनका निलंबन कर दिया। जब जानकारी हुई तो जिला अस्पताल के वार्डबॉय, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और संविदा कर्मचारी सीएमएस के पास पहुंच गए। सुबह ही सीएमएस का घेराव कर निलंबन वापस किए जाने की मांग की।
जब बात नहीं बनी तो कर्मचारियों ने जिला अस्पताल के गेट पर हड़ताल करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। कर्मचारियों का कहना है कि वार्डबॉय की उम्र काफी हो गई है। गर्मी के दौरान उनकी आंख लग गई थी, तभी किसी ने उनका वीडियो बना लिया। ऐसे में निलंबन करना उचित नहीं है। कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता देख सीएमएस ने दो डॉक्टरों की जांच समिति बना दी है। इसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रताप सिंह और रक्तकोष प्रभारी डॉ. विकास यादव को शामिल किया गया है। मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद वार्डबॉड की बहाली के आश्वासन पर दोपहर बाद हड़ताल समाप्त हो गई।
आंशिक रूप से बाधित रहीं सेवाएं
जिला अस्पताल में वार्डबॉय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की हड़ताल से आंशिक रूप से स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित रहीं। ओपीडी का काम तो डॉक्टर करते रहे, लेकिन मरीजों को स्ट्रेचर पर लाने-ले जाने, वार्ड में शिफ्ट करने समेत अन्य सेवाएं बाधित रहीं। तीमारदारों को खुद ही अपने मरीजों को ले जाना पड़ा। पूरे दिन ये समस्या बनी रही।
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सीएमएस से कर्मचारियों की हुई तीखी बहस
सुबह जिला अस्पताल में कर्मचारियों की सीएमएस डॉ. मदनलाल से उनके कमरे में तीखी बहस हुई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ जिला अस्पताल में अभद्रता की जाती है। वे छोटे कर्मचारी जरूर हैं, लेकिन सबका सम्मान है। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि अस्पताल में बदहाली हावी है, लेकिन उसे सुधारने के बजाए छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि इस दौरान सीएमएस मामले को शांत कराने की कोशिश करते नजर आए।
कर्मचारियों की मांग पर वार्डबॉय के वायरल वीडियो की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए दो चिकित्साधिकारियों की टीम बनाई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर वार्डबॉय के निलंबन वापसी का निर्णय लिया जाएगा। वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई है। -डॉ. मदनलाल, सीएमएस।