16 वर्षीय बेटी के इलाज के लिए लोगों की सलाह पर परिवार ने एक दो नहीं बल्कि पांच तांत्रिकों को बुलाया था। तंत्र-मंत्र के द्वारा इलाज भी शुरू कर दिया, लेकिन परिवारीजनों को ये नहीं मालूम था कि इन सब से उनकी बेटी की जान चली जाएगी।
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में 16 वर्षीय किशोरी के साथ जो कुछ हुआ वो हैरान कर देने वाला है। किशोरी के इलाज के लिए जब डॉक्टरों के पास जा-जाकर परिवार वाले हार मान गए, तो लोगों की सलाह पर तांत्रिकों का सहारा लिया। गांव में पांच तांत्रिक बुलाकर बेटी की समस्या को बताया गया। तांत्रिकों ने आश्वासन भी दिया कि बेटी को ठीक कर देंगे। तंत्र-मंत्र के द्वारा किशोरी का इलाज शुरू कर दिया। लेकिन सही होने की जगह किशोरी मौत हो गई। किशोरी की लाश देख परिवार में चीख पुकार मच गई। वहां आक्रोशित ग्रामीणों ने तांत्रिकों को कमरे में बंद कर दिया।
कासंगज के सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के ग्राम नगला खिरिया निवासी बरसा (16) पुत्री एवरन सिंह काफी दिनों से बीमार थी। उसका परिजन काफी इलाज करा चुके थे, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं आया। डॉक्टरों के पास जा-जाकर थक चुखे परिवार के लोगों ने सलाह दी कि तांत्रिकों की मदद लो। आराम मिल सकता है।
कुछ लोगों की सलाह पर बेटी की झाड़-फूंक कराने के लिए परिजन राजी हो गए। पांच तांत्रिकों को इलाज के लिए बुलाया गया। तांत्रिकों ने तंत्र-मंत्र से उसका इलाज शुरू कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान किशोरी की मौत हो गई। इस दौरान जब परिवार वालों ने बेटी की लाश देखी तो उनके होश उड़ गए।
इसके बाद ग्रामीणों ने तांत्रिकों का कमरे में बंद कर दिया। जब इस बात की जानकारी पुलिस को मिली तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तांत्रिकों को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि किशोरी किडनी के रोग से ग्रसित थी। उसका इलाज चल रहा था। परिजन चिकित्सक के मना करने पर भी उसे ले आए। तांत्रिक पर इलाज के लिए दबाव बनाने लगे। शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है।