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समस्याओं का समाधान न होने पर भड़के किसान, सभागार में किया 10 अफसरों को बंद

Tue, 11 Jun 2019 06:17 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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राजीव भवन में ताला लगाकर प्रदर्शन करते किसान - फोटो : अमर उजाला
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किसानों ने मंगलवार को राजीव भवन के मीटिंग हाल में 20 अफसरों को एक घंटा तक बंद रखा। नहरों की सफाई न होने से क्रोधित काश्तकारों ने बैठक कक्ष का गेट बाहर से बंद करके ताला लगा दिया। न कोई कक्ष में जा पा रहा था और न कोई बाहर आ सकता था।
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किसानों का कहना था कि बारिश आने वाली है। लेकिन, अभी तक गांवों के बड़े नालों की सफाई नहीं हो सकी है। अधिकारी उनकी बात को नहीं सुन रहे हैं। बाद में कुछ अफसरों ने काश्तकारों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

मंगलवार को राजीव भवन में सिंचाई बंधु की मीटिंग बुलाई गई थी। मीटिंग में सिंचाई विभाग के साथ लोकनिर्माण और बिजली विभाग के अधिकारी पहुंचे थे। यहां किसानों ने सबसे पहले नहरों की सफाई न हो पाने का मुद्दा उठाया।
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किसानों ने अपने अपने क्षेत्र की उन नहरों का जिक्र किया तो घास से अटी पड़ी हैं। पानी नहीं है। सिंचाई विभाग के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। किसानों ने कहा कि धान की रोपाई कैसे की जाएगी जब नहरों में पानी ही नहीं पहुंचेगा। इसके बाद किसानों ने गांवों के बड़े नालों की सफाई न होने का मुद्दा रखा। 

कहा गया कि बारिश में गांव में जलभराव हो जाएगा। क्योंकि नाले अटे पड़े हैं। यहां किसानों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष सुधीर रावत ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। 

नाराज भाकियू के जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर, भाकियू (भानू गुट) के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, भगवान सिंह, बिजेंद्र सिंह, योगेश कुमार बैठक से बाहर आ गए और कक्ष पर बाहर से ताला लगा दिया। अफसरों को बैठक कक्ष में बंद करके जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में अफसरों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
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यह समस्याएं थीं किसानों की
- नहरों की सफाई की जाए।
- गांवों के नालों की सफाई की जाए।
- बलदेव क्षेत्र में बिजली सप्लाई दुरुस्त की जाए।
- नहरों में पानी नहीं दिया जा रहा है।
- खराब हैंडपंप को दुरुस्त नहीं किया जा रहा।
- ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें टूटी पड़ी हैं, जिन्हें ठीक कराया जाए।
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