आगरा। यमुनापार स्थित चंदन नगर में देसी शराब के ठेके पर बुधवार दर्जनों महिलाओं ने धावा बोलकर तोड़फोड़ कर दी। ठेके के शटर का ताला तोड़ तोड़कर खोल दिया। शराब की पेटियों में बाहर लाकर पेटियां आग लगा दी। इससे अफरातफरी मच गई। पुलिस के पहुंचने पर भी महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह शांत किया। उधर, बवाल के मामले में 12 को गिरफ्तार किया। इनमें से 9 को शांतिभंग में जेल भेज दिया गया। वहीं ठेका संचालक हरवीर सिंह की तरफ से प्राथमिकी दर्ज की गई है।
चंदन नगर की रहने वाली महिलाओं का कहना है कि तड़के 4 बजे ठेका खुल जाता है। इस कारण सुबह से ही घर के पुरुष शराब पीने के लिए पहुंच जाते हैं। शराब पीने के बाद घर में आकर झगड़ा करते हैं। इससे बच्चों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। मोहल्ले में ठेका खुला होने की वजह से दिक्कत हो रही है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। रात तक शराबियों का जमघट लगा रहता है। बस्ती में महिलाओं और लड़कियों के साथ भी छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं। इससे क्षेत्र का माहाैल खराब हो रहा है। उनका घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। कई बार थाने, आबकारी विभाग, उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
बुधवार सुबह तकरीबन 11 बजे ठेके पर महिलाएं पहुंच गईं। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। शटर के ताले तोड़ दिए। तोड़फोड़ के बाद शराब की पेटियों में आग लगा दी। कर्मचारियों ने भागकर जान बचाई। सूचना पर थाना का फोर्स पहुंच गई। 15 से अधिक को हिरासत में ले लिया। महिलाओं ने ठेका बंद कराने की मांग को लेकर 1 घंटे तक धरना भी दिया। पुलिस ने किसी तरह उन्हें शांत किया। एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि मामले की जानकारी आबकारी विभाग को दे दी गई है। ठेके के संचालन और निर्धारित समय के पालन की जांच कराई जाएगी। उपद्रव और तोड़फोड़ के मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। 12 को गिरफ्तार किया गया।
9 महिलाओं सहित 12 लोग गिरफ्तार
थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने बताया कि चंदन नगर निवासी रिचा चाैहान, रसना सिकरवार, आशा वर्मा, जानकी पांडेय, डाैली गाैड़, सोनी गाैड़, कुसमा दिवाकर, मीनू, शशि, विष्णु, अभिषेक और भोला को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की गई। इन सभी को एसीपी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आशा, जानकी, डाैली, कुसमा, विष्णु, अभिषेक, भोला, सोनी और मीनू को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया। उधर, ठेका संचालक हरवीर सिंह यादव पक्ष की तरफ से भी तहरीर दी गई। इस पर पुलिस बलवा सहित अन्य धारा में प्राथमिकी दर्ज की है।
ओपन बार पर पुलिस की नहीं होती कार्रवाई
शहर में गली-मोहल्लों के बाहर ही नहीं धर्मस्थल और शैक्षणिक संस्थान के पास भी शराब के ठेके खुल गए हैं। इन पर शराब खरीदने के बाद लोग बाहर ही जाम लड़ाते हैं। खुले में शराब पीने की वजह से आसपास के लोगों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। जगह-जगह इस तरह के ओपन बार की वजह से मारपीट की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद पुलिस कोई रोक नहीं लगा पा रही है। कुछ दिन पुलिस अभियान चलाती है। इसके बाद अभियान ठंडे बस्ते में चले जाते हैं। कुछ दिन की सख्ती के बाद फिर से ओपन बार चलने लगते हैं।
नगला बूढ़ी में हुआ था हादसा
पूर्व में न्यू आगरा के नगला बूढ़ी में ठेके पर युवक शराब पी रहे थे। तभी पुलिस पहुंच गई थी। एक युवक ने कार को दाैड़ा दिया था। उसकी चपेट में आकर 9 लोग आ गए थे। इनमें से 5 की मृत्यु हो गई थी। लोगों का कहना था कि खुले में शराब पिलाने वालों पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है। नशे में वाहन चलाने वालों के चालान नहीं काटे जाते हैं।