एटा। जिला स्तर पर दिव्यांग बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रत्येक विकासखंड से दो-दो मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समय से पहचान करना और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना रहा। इस दौरान बच्चों के चिह्नांकन, उनकी आवश्यकताओं तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उन्हें शिक्षा से जोड़ने के तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के तहत जिले के कुल 465 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षकों ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। समापन के अवसर पर 18 स्पेशल एजुकेटर को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। बीएसए अनुपम अवस्थी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका से दिव्यांग बच्चों को समय पर सहयोग और शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी रहे।