सीधी नियुक्ति के लिए आवेदन से लेकर मेरिट तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई। आरोप है कि नियुक्तियों में भ्रष्टाचार हुआ। पिछले तीन दिनों में एक दर्जन से अधिक शिकायतें डीएम ऑफिस में आई हैं। डीएम ने सभी शिकायतों की जांच के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह को दिए हैं। सभी नियुक्तियां सिर्फ दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार के आधार पर दी गईं। कोई लिखित परीक्षा नहीं आयोजित की गई। पात्रता के लिए सिर्फ हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट बनी थी।
मंत्री ने भी लगाए थे आरोप
महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने भी आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं होने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मंत्री ने ही अपने विभाग की पोल खोली थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को शुचिता और पारदर्शिता से संपन्न कराने के निर्देश सभी डीएम को दिए थे। लेकिन, भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों की शिकायतों से प्रक्रिया पर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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