अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती और धात्रिय महिलाओं को पहले से अधिक पोषण वाली नई रेसिपी मिला करेंगी। इसमें सात श्रेणियों के अलग-अलग उत्पाद होंगे। इन्हें आयु वर्ग और जरूरत के अनुसार दिया जाएगा। अतिकुपोषित बच्चों को विषेश ऊर्जा युक्त पोषाहार मिलेगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्या ने बताया कि पहले पुष्टाहार में तेल, दाल और दलिया दिया जाता था। लेकिन अब उनमें बदलाव करते हुए विभिन्न आयु वर्ग और जरूरतों के अनुसार छह प्रकार के रेसिपी आधारित उत्पाद निर्धारित किए हैं। इनमें शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर, संपूर्ण मातृ आहार, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण शामिल किए हैं। इसमें आटा-बेसन-हलवा, आटा-बेसन बर्फी, दलिया-मूंग-दाल खिचड़ी और अतिकुपोषित बच्चों को विशेष रूप से तैयार ऊर्जा युक्त हलवा मिलेगा।
इस मात्रा में मिलेगा राशन
| लाभार्थी वर्ग |
पोषाहार |
मात्रा |
| 6 माह से 3 साल तक के बच्चे (1,61,249) |
आटा-बेसन हलवा |
3 पैकेट (1.042 किग्रा) |
| 3 साल से 6 साल तक के बच्चे (95,887) |
आटा-बेसन बर्फी |
1 पैकेट (0.650 किग्रा) |
| |
दलिया-मूंग दाल खिचड़ी |
2 पैकेट (0.900 किग्रा) |
| गर्भवती एवं धात्री महिलाएं (45,224) |
आटा-बेसन बर्फी |
2 पैकेट (0.975 किग्रा) |
| |
दलिया-मूंग दाल खिचड़ी |
2 पैकेट (0.900 किग्रा) |
| 6 माह से 6 साल तक के अतिकुपोषित बच्चे (1,063) |
ऊर्जा युक्त हलवा |
5 पैकेट (0.925 किग्रा) |
मार्च से नहीं मिला पुष्टाहार
नई रेसिपी बदलने और व्यवस्था में परिवर्तन करने के कारण लाभार्थियों को मार्च के महीने से पुष्टाहार नहीं मिल सका है। लेकिन जून में नई पौष्टिक रेसीपियां आना शुरू हो गई है। जो जल्द 30,3442 लाभार्थियों को वितरण होंगी।
एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटिशियन मिनी शर्मा ने बताया कि बच्चों के लिए आटा बेसन हलवा अधिक पौष्टिक होता है। वहीं धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए दलिया, तेल और दाल से अधिक आटा-बेसन बर्फी और दलिया-मूंग दाल खिचड़ी बेहतर पौष्टिक रेसिपी होगी। वह इनके गर्भ में शिशु के विकसित होने और धात्री महिलाओं के लिए बेहतर पौष्टिक आहार होगी।